प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जापान दौरे के दूसरे दिन बुलेट ट्रेन देखने के लिए मियागी प्रांत के सेंडाई पहुंचे। यहां उनके साथ जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा भी थे। दोनों नेताओं ने जापान की सबसे आधुनिक E10 बुलेट ट्रेन में सफर किया। इस दौरान सेंडाई में लोगों ने प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत किया। बता दें कि यही बुलेट ट्रेन भारत में मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलाए जाने की योजना है।

प्रशिक्षण ले रहे भारतीय रेल चालकों से मिले प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने जापान में बुलेट ट्रेन चलाने का प्रशिक्षण ले रहे भारतीय ट्रेन चालकों से भी मुलाकात की। इन्हें जापान का ईस्टर्न रेलवे प्रशिक्षण दे रहा है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने टोक्यो में जापान के 16 प्रांतों के राज्यपालों के साथ मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने बताया कि राज्य-प्रान्त सहयोग भारत-जापान मैत्री का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और इसी वजह से भारत-जापान शिखर सम्मेलन के दौरान इस पर एक अलग पहल शुरू की गई।

भारत में 59 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा जापान

प्रधानमंत्री ने जापान दौरे के पहले दिन भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच को संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री इशिबा के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। इस दौरान भारत-जापान में 10 अहम समझौते हुए। जापान भारत में 10 साल में 59 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने पर सहमत हुआ है। चंद्रयान-5 के लिए भारत और जापान की अंतरिक्ष एजेंसियों में समझौता हुआ है। दोनों देश सेमीकंडक्टर, खनिज, दवा और स्वच्छ ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।

7,000 KM तक बुलेट ट्रेन का लंबा नेटवर्क बनाने का लक्ष्य

गौरतलब है कि, अपने दो दिन के दौरे के दौरान पीएम मोदी ने जापान में शुक्रवार को कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) भारत और जापान के बीच एक प्रमुख परियोजना है। हमारा लक्ष्य कुछ वर्षों में इस पर यात्री सेवाएं शुरू करना है। इस दौरान उन्होंने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अतिरिक्त देश में 7,000 किलोमीटर तक हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन का) लंबा नेटवर्क बनाने का लक्ष्य है।

बुलेट ट्रेन का अधिकांश हिस्सा ‘मेक इन इंडिया’

प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के अखबार ‘योमिउरी शिंबुन’ को दिए गए साक्षात्कार में कहा कि इसका अधिकांश हिस्सा ‘मेक इन इंडिया’ के माध्यम से विकसित किया जाएगा। ताकि यह कार्यक्रम टिकाऊ और व्यवहारिक हो। उन्होंने कहा, “मैं इस प्रयास में जापानी कंपनियों की सक्रिय भागीदारी का स्वागत करता हूं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत-जापान सहयोग में उच्च-गति रेल के अलावा परिवहन के अन्य क्षेत्रों को भी जोड़ने की क्षमता है, जिनमें बंदरगाह, विमानन, जहाज निर्माण, सड़क परिवहन, रेलवे और लॉजिस्टिक्स शामिल हैं, जहां भारत ने महत्वाकांक्षी पहल की है। मोदी ने कहा, “स्पष्ट रूप से, इन क्षेत्रों में जापान की तकनीकी बढ़त, भारत की व्यापकता, विनिर्माण और नवाचार शक्ति के साथ मिलकर दोनों पक्षों के लिए अपार मूल्य सृजित कर सकती है।”

मोदी 8वीं बार जापान के दौरे पर गए

बतौर प्रधानमंत्री यह मोदी की 8वीं जापान यात्रा है। स्थानीय कलाकारों ने टोक्यो के होटल में उनका गायत्री मंत्र से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात की। PM मोदी ने यहां 15वें भारत-जापान वार्षिक समिट में हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

उन्होंने रवाना होने से पहले सोशल मीडिया पर लिखा कि इस दौरे का मकसद भारत और जापान के बीच खास रणनीतिक और ग्लोबल साझेदारी को मजबूत करना है। जापान के बाद मोदी 31 अगस्त को चीन पहुंचेंगे।

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