Bhadrakali Ganpati Temple Kerala: केरल का भद्रकाली गणपति मंदिर अपनी अनोखी परंपरा और रहस्यमयी दंतकथा के कारण देशभर में प्रसिद्ध है. यहां गणपति जी का भव्य श्रृंगार साल भर में केवल एक ही बार किया जाता है. इस अवसर पर पूरा मंदिर पुष्पों, दीपों और मंत्रोच्चार से गूंज उठता है. भक्त मानते हैं कि इस दिन बप्पा का दर्शन करना जीवनभर की कृपा और आशीर्वाद पाने के समान है.

Also Read This: गणेश उत्सव में पंडालों से निकलने वाले शोर को लेकर कथावाचक जया किशोरी बोलीं- ‘DJ मुक्त पंडाल बनने चाहिए’

Bhadrakali Ganpati Temple Kerala

Bhadrakali Ganpati Temple Kerala

केवल एक दिन ही क्यों होता है श्रृंगार? (Bhadrakali Ganpati Temple Kerala)

मान्यता है कि प्राचीन काल में त्रिशूर के इस मंदिर में भद्रकाली और गणपति दोनों की आराधना होती थी. एक बार भक्तों ने आग्रह किया कि गणपति जी का भव्य श्रृंगार प्रतिदिन किया जाए. लेकिन उसी रात मंदिर के प्रधान पुजारी को स्वप्न में गणपति जी के दर्शन हुए. उन्होंने कहा कि उनका विशेष श्रृंगार केवल वर्ष में एक बार ही होना चाहिए. तभी भक्तों को उसका वास्तविक फल मिलेगा. अन्यथा श्रृंगार का महत्व और उसकी ऊर्जा नष्ट हो जाएगी. तभी से यह परंपरा चली आ रही है कि गणपति जी का श्रृंगार साल भर में केवल एक ही दिन होता है.

Also Read This: Shradh Paksha 2025: किन शुभ कर्मों से पूर्वज होते हैं प्रसन्न, जानिए तिथियों का पूरा विवरण

श्रृंगार का रहस्य और आध्यात्मिक महत्व भी है (Bhadrakali Ganpati Temple Kerala)

कहा जाता है कि इस दिन गणपति जी स्वयं अपने दिव्य स्वरूप में प्रकट होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि इस विशेष श्रृंगार की दिव्य आभा इतनी प्रबल होती है कि जो भी भक्त दर्शन करता है, उसे जीवनभर संकटों से मुक्ति और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है. यही कारण है कि इस दिन मंदिर में मेले जैसा माहौल बन जाता है और हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं.

Also Read This: Chandra Grahan 2025: क्यों माना जाता है ग्रहण काल चमत्कारी, भारत में कब और कहां दिखेगा

मंदिर की खूबसूरती और वातावरण (Bhadrakali Ganpati Temple Kerala)

मंदिर की वास्तुकला पारंपरिक केरल शैली में बनी है, जिसमें लकड़ी और पत्थर का अद्भुत संगम दिखाई देता है. शांत वातावरण, गूंजते मंत्र और दीपों की रौशनी मिलकर भक्तों को गहरी आध्यात्मिक अनुभूति कराते हैं.

कैसे पहुंचे (Bhadrakali Ganpati Temple Kerala)

भद्रकाली गणपति मंदिर केरल के त्रिशूर जिले में स्थित है. यहां पहुंचने के लिए निकटतम एयरपोर्ट कोच्चि है, जो लगभग 70 किलोमीटर दूर है. रेलवे से आने वालों के लिए त्रिशूर नजदीकी स्टेशन है. सड़क मार्ग से बस और टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध रहती है.

Also Read This: क्यों रखा जाता है जितिया व्रत? जानिए तिथि, महत्व और पूजा विधि