पटना। दरभंगा में मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहे जाने के मामले ने तूल पकड़ा हुआ है। इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का आक्रोश खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बिहार के कोने-कोने में भाजपा कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और कांग्रेस तथा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेताओं से सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय से सप्त मूर्ति तक कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां और विरोधी पोस्टर लेकर नारेबाजी की और कहा कि प्रधानमंत्री का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मौन धरना और काली पट्टी से जताया विरोध

इससे पहले शुक्रवार को पटना के गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति के पास भाजपा कार्यकर्ताओं ने मौन धरना दिया था। सभी ने अपनी बाजुओं पर काली पट्टी बांध रखी थी और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। धरने में मौजूद नेताओं का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि देश की गरिमा और सम्मान के प्रतीक हैं। उन पर की गई अभद्र टिप्पणी देश की जनता का अपमान है।

सदाकत आश्रम मार्च में बढ़ा तनाव

शुक्रवार को कुर्जी मोड़ से सदाकत आश्रम तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा की, लेकिन इस दौरान माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब कांग्रेस समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। दोनों ओर से मारपीट और पत्थरबाजी हुई। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और भारी सुरक्षा बल की तैनाती की गई।

भाजपा का ऐलान माफी तक आंदोलन जारी रहेगा, जिलों में करेंगे विरोध प्रदर्शन

भाजपा नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक तेजस्वी यादव और राहुल गांधी सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक आंदोलन रुकने वाला नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने चेतावनी दी है कि अब यह सिर्फ एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश के स्वाभिमान का सवाल है। हम हर जिले, हर प्रखंड में विरोध करेंगे।