Rajasthan Politics: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मंगलवार सुबह जोधपुर में ‘परिवार’ और ‘सद्भावना’ पर जोर देते हुए एक बयान दिया, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी। राजे ने कहा, राजस्थान हम सबका परिवार है। मेरी कामना है कि यहां सभी खुशहाल रहें। राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन समाज और परिवार की तरह आपसी मेलजोल और सद्भावना सबसे बड़ा आधार है। अगर हम लड़ेंगे तो समस्याएं होंगी, साथ रहेंगे तो प्रगति होगी।

रामसा पीर से शुरू हुई थी राजनीतिक यात्रा
राजे ने अपनी राजनीतिक शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी यात्रा बाबा रामसा पीर के आशीर्वाद से शुरू हुई थी। उन्होंने कहा, मुझे पहला आशीर्वाद देवता से मिला, फिर सभी समाज का साथ मिला। रामसा पीर में हर किसी की मनोकामना पूरी होती है, बशर्ते विश्वास डगमगाए नहीं।
‘वनवास’ और ‘धैर्य’ के बाद ‘परिवार’ पर जोर
पिछले कुछ दिनों में राजे के ‘वनवास’, ‘धैर्य’ और अब ‘परिवार’ जैसे बयानों को राजनीतिक विश्लेषक उनके मौजूदा सियासी हालात से जोड़कर देख रहे हैं। 28 अगस्त को धौलपुर में राम कथा के दौरान राजे ने कहा था, “आजकल जिसे अपना समझो, वो पराया हो जाता है। परिवार के लिए हर किसी की जिम्मेदारी होती है।” उन्होंने यह भी कहा था कि वनवास हर किसी की जिंदगी में आता है, लेकिन धैर्य रखने से हर मुश्किल हल हो जाती है।
राजे का जोधपुर-अजमेर दौरा
भाजपा नेता भोपाल सिंह बडला ने बताया कि राजे मंगलवार को जैसलमेर के मोहनगढ़ में पूर्व सांसद सोनाराम को श्रद्धांजलि देने गईं। वे रात जोधपुर में रुकेंगी और बुधवार को अजमेर के लिए रवाना होंगी। इस दौरान कई भाजपा नेताओं ने उनसे मुलाकात की।
पढ़ें ये खबरें
- ‘हिंदू बेटियां होश में आओ’, सीहोर में बढ़ते लव जिहाद और धर्मांतरण के खिलाफ बजरंग दल का प्रदर्शन, जाकिर नायक का फूंका पुतला
- किम जोंग ने पड़ोसियों को हड़काया! 19 दिन में दाग दीं 4 मिसाइलें, जापान और दक्षिण कोरिया ने जारी किए हाई अलर्ट
- कांग्रेस में नियुक्ति: रायपुर उत्तर विधानसभा युकां अध्यक्ष बने नवाज खान
- महिला की मौत के बाद खुली प्रशासन की नींद, अवैध गर्भपात करने वाले नर्सिंग होम को किया सील
- जहां 15 दिनों में 3 युवाओं ने आत्महत्या कर ली, उसी थाना क्षेत्र में ग्रामीण युवकों के लिए लगाया करियर गाइडेंस कैंप, प्रभारी एसपी ने बताया – सफलता का पैमाना संपत्ति नहीं, संतुष्टि है…
