चंडीगढ़. केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में तीन व्लॉगर्स को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने इन तीनों को शाम की छुट्टी तक अदालत में खड़े रहने की सजा सुनाई। व्लॉगर्स के नाम राहुल, विनोद और अंकित हैं। जानकारी के अनुसार, राहुल मोहाली के सेक्टर-116 का निवासी है, विनोद धनस का और अंकित जीरकपुर का रहने वाला है।
ये तीनों व्लॉगर्स अपने सब्सक्राइबर्स बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया पर तरह-तरह के वीडियो अपलोड करते रहते हैं। इस बार उन्होंने ट्रैफिक चालान संबंधी एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें चालान की पेंडेंसी घटाने के लिए 1 सितंबर से चंडीगढ़ में विशेष लोक अदालत लगाई जा रही है, ऐसा कहा गया था। यह अदालत 12 सितंबर तक चलेगी। बुधवार को इस विशेष लोक अदालत में कुछ ड्राइवर चालान भरने आए थे, लेकिन उन्हें पूरी रकम अदा करनी पड़ी।
सीजेएम ने व्लॉगर्स को पेश करने का दिया आदेश
कोर्ट ने एक्ट के अनुसार चालकों पर जुर्माना लगाया। फिर वाहन चालकों ने इन व्लॉगर्स के कुछ वीडियो कोर्ट के स्टाफ को दिखाए। स्टाफ ने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सचिन यादव को वीडियो दिखाया। वीडियो में कहा जा रहा था, “10 हजार रुपये का ट्रैफिक चालान, लेकिन एक या दो हजार रुपये में छोड़ दिया जाएगा…” इस पर सीजेएम ने पुलिस को इन वीडियो बनाने वाले व्लॉगर्स को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। सीजेएम के आदेश के बाद सेक्टर-36 पुलिस स्टेशन ने इनकी तलाश शुरू कर दी।
कोर्ट ने वीडियो डिलीट करवाए और सजा दी
कुछ ही देर बाद पुलिस ने तीनों व्लॉगर्स को बुलाया और 11:30 बजे तक राहुल, विनोद और अंकित को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने गुमराह करने वाले वीडियो बनाने के लिए तीनों के वीडियो डिलीट करवा दिए। उन्हें नए अपडेटेड वीडियो अपलोड करने का आदेश दिया गया। साथ ही, जज ने तीनों को शाम की छुट्टी तक अदालत में खड़े रहने की सजा सुनाई।
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