Rajasthan News: अजमेर की हाई सिक्योरिटी और सेंट्रल जेल में अब कैदी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। दिसंबर से जेल में एक नई ‘स्मार्ट’ तकनीक लागू होगी, जिससे मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट और सोशल मीडिया पूरी तरह ब्लॉक हो जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि जेल में देश भर के 150 से अधिक खतरनाक अपराधी बंद हैं और कई बार उनके पास मोबाइल पकड़े गए हैं, जिससे पता चला कि वे जेल के अंदर बैठकर भी आपराधिक गतिविधियां चला रहे थे।

पिछले समय में पुराने जैमर के कारण आस-पास के स्कूल, दफ्तर और घरों में नेटवर्क प्रभावित होता था। अब नई तकनीक टीसीबीपीएस (TCBPS – Tower for Harmonious Call Blocking System) लागू होगी। यह एडवांस जैमर केवल जेल की चारदीवारी के भीतर मोबाइल सिग्नल, इंटरनेट डेटा, सोशल मीडिया और VoIP कॉल्स को ब्लॉक करेगा, जबकि आसपास रहने वालों के नेटवर्क पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
हाई-सिक्योरिटी जेल में टावर लग चुके हैं, जबकि सेंट्रल जेल में काम अंतिम चरण में है। यह सिस्टम कैदियों की कम्युनिकेशन को रोकने के साथ-साथ रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी करेगा, यानी कौन क्या करने की कोशिश कर रहा है, इसकी जानकारी तुरंत दर्ज होगी।
जेल अधीक्षक ने कहा कि दिसंबर तक यह सिस्टम पूरी तरह काम करना शुरू कर देगा। इसके बाद जेल के भीतर किसी भी तरह की कॉल, इंटरनेट या सोशल मीडिया की सुविधा बंद हो जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे जेल की सुरक्षा और निगरानी और मजबूत होगी और अपराध नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
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