Rajasthan News: जोधपुर. प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में 21 दिन के अंतराल के बाद शुक्रवार से वाहनों की फिटनेस जांच फिर शुरू हो गई। बीजेएस स्थित आरटीओ में रोजाना करीब 70 वाहनों की फिटनेस होती है। जांच बंद रहने से सैकड़ों अनफिट वाहन सड़कों पर दौड़ते रहे, जिसने सड़क सुरक्षा और बीमा क्लेम प्रक्रियाओं को प्रभावित किया।

अप्रैल में परिवहन विभाग ने निजी फिटनेस स्टेशनों को ऑटोमेटेड सिस्टम की कमी के कारण बंद कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ स्टेशन संचालक हाईकोर्ट पहुंचे, जहां एकल पीठ ने आरटीओ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएं। इसके बाद विभाग ने फिटनेस जांच पूरी तरह रोक दी थी।
मुख्यालय के निर्देशों के बाद अब मैन्युअल फिटनेस जांच शुरू की गई हैं। साथ ही, सरकार ने हाईकोर्ट की एकल पीठ के फैसले के खिलाफ खंडपीठ में अपील दायर की हैं। जिला परिवहन अधिकारी छगन मालवीय के मुताबिक 21 दिनों में करीब 1500 वाहनों की फिटनेस जांच नहीं हो सकी, जिनमें ऑटो रिक्शा, बस, ट्रक और अन्य कॉमर्शियल वाहन शामिल हैं। बिना फिटनेस वाहन चलाने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना है। इस कदम से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और वाहन मालिकों को राहत मिलेगी।
पढ़ें ये खबरें
- इंस्टाग्राम दोस्ती का खौफनाक अंत: नाबालिग लड़की से होटल में बार-बार किया दुष्कर्म, प्रेग्नेंट होने पर खिलाई गर्भपात की दवा; इलाज के दौरान मौत
- शांति वार्ता से पहले पूरा इस्लामाबाद छावनी में हुआ तब्दील; चप्पे-चप्पे पर कमांडो और बैरिकेड्स
- रोडवेज बस की टक्कर से घायल बुजुर्ग ने PGI में तोड़ा दम, परिजनों का आरोप- बचाने के लिए ब्रेक तक नहीं मारा
- CG Congress : कांग्रेस में वार्ड अध्यक्षों की सूची को लेकर विवाद, श्रीकुमार मेनन ने कहा- दीपक बैज और पदाधिकारियों से करेंगे चर्चा, किसी प्रकार का टकराव नहीं…
- दिल्ली में देह व्यापार और मानव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़, गिरोह की मुख्य सरगना ‘कुमारी’ गिरफ्तार

