मोगा। पंजाब के मोगा जिले का रणसिंह कलां गांव आज देशभर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वजह है गांव के किसानों का वह अनूठा मॉडल, जिसमें पराली जलाने की बजाय उसे खेतों में ही मिलाकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जा रही है। इस सफल प्रयोग को देखने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं गांव का दौरा किया और इसे पूरे देश के लिए मिसाल बताया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस दौरान कहा कि, मैं पराली प्रबंधन का वह मॉडल देखना चाहता था जहां पराली जलाने की बजाय उसे खेतों में मिलाया जा रहा हैं। रणसिंह कलां का यह प्रयोग शानदार है। मैं इसे पूरे देश को दिखाना चाहता हूं।
पराली जलाना पूरी तरह बंद, 2019 से अब तक एक भी मामला नहीं
गांव की पंचायत ने वर्ष 2019 में पराली जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से गांव के 150 किसानों ने 1300 एकड़ से अधिक क्षेत्र में पराली को खेतों में ही मिलाना शुरू कर दिया। आज स्थिति यह है कि गांव में पराली जलाने के एक भी मामले सामने नहीं आते हैं।
पड़ोसी गांव भी अपना रहे मॉडल
रणसिंह कलां की इस पहल से प्रभावित होकर आसपास के कई गांव भी अब पराली नहीं जला रहे। किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए पराली न जलाने पर मुआवजा भी दिया जाता है और लक्की ड्रॉ भी निकाला जाता है।

शिवराज ने किसानों के साथ खाया खाना
इस पंजाब दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने किसानों के साथ लंच किया और मनरेगा कर्मचारियों से भी बातचीत की। उन्होंने पराली प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को करीब से समझा और इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने का आश्वासन दिया हैं।
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