Rajasthan Politics: राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने SIR प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जयपुर में उन्होंने कहा कि SIR पहले भी कई बार हुआ, लेकिन कभी इतना विवाद नहीं दिखा। इस बार आयोग के रवैये ने लोगों को परेशान किया है। बिहार में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए और मौजूदा अभियान में लोगों को आपत्तियां दर्ज कराने के लिए बहुत कम समय मिला।

पायलट ने बीएलओ की आत्महत्या के मामलों पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि कई राज्यों में बीएलओ दबाव में हैं, कोई तनाव में है तो कोई जान तक दे रहा है। यह संकेत है कि प्रक्रिया में कुछ न कुछ गड़बड़ है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को एक निष्पक्ष संस्था के तौर पर काम करना चाहिए, क्योंकि वोटर लिस्ट अपडेट करने का काम किसी राजनीतिक दल का नहीं, आयोग का काम है।
उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि गरीब, दलित, आदिवासी या बुजुर्ग जैसे वर्ग जानकारी की कमी की वजह से वोटर लिस्ट से बाहर न हों। अगर किसी की मंशा नाम काटने की है, तो उसे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। पार्टी देशभर में अभियान चला रही है ताकि किसी का संवैधानिक मतदान अधिकार न छीने। पायलट ने चेतावनी दी कि अगर आयोग किसी विचारधारा, सरकार या नेता के दबाव में काम करेगा तो यह न जनता को मंजूर होगा और न ही कांग्रेस को।
पढ़ें ये खबरें
- सावधान! कहीं आप भी तो नहीं हो रहे ऐसे गिरोह के शिकार, जानें कैसे बुना जा रहा ठगी का जाल, 8 गिरफ्तार
- WhatsApp Encryption Fraud : वॉट्सऐप आपके प्राइवेट मैसेज पढ़ रहा, टेलीग्राम CEO बोले- ये इतिहास का सबसे बड़ा फ्रॉड
- शातिर चोर की फिल्मी चाल: पुलिस से बचने तालाब में लगाई छलांग, कमल की डंठल से 5 घंटे तक पानी में लेता रहा सांस और फिर…
- Share Market Update : 500 अंक चढ़ा सेंसेक्स, निफ्टी में दिखी 160 अंकों की तेजी, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी …
- नोबेल पुरस्कार है या लॉलीपॉप? आतंक परस्त पाकिस्तान के तीन नेताओं को नोबेल देने की डिमांड, शरीफ और मुनीर के अलावा तीसरे ‘पीसमेकर’ को जानकर आप ठहाके मारकर हंस पड़ेंगे
