आशुतोष तिवारी, बस्तर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने के बाद दो हफ्ते बीत चुके हैं। खरीदी के साथ ही अवैध धान कारोबार पर प्रशासन लगातार शिकंजा कस रहा है। बस्तर जिले में इस बार फोकस सिर्फ खरीदी केंद्रों पर ही नहीं, बल्कि उन नेटवर्क्स पर भी है जो ओडिशा से धान लाकर समर्थन मूल्य पर बेचने की कोशिश में लगे थे। जिला प्रशासन की उड़नदस्ता टीमों ने अब तक 18 कार्रवाइयों में 860 क्विंटल अवैध धान जब्त किया है।

जिला प्रशासन मान रहा है कि समर्थन मूल्य की बढ़ोतरी के बाद फर्जी खरीदी और बाहर से धान लाने की कोशिशें पिछले सालों की तुलना में इस साल और तेज हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। कलेक्टर हरीश एस के मुताबिक, धान माफियाओं पर प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू की जा रही है।

धान व्यापारियों, बड़े किसानों और गोदाम संचालकों की गतिविधियों पर भी प्रशासन की नज़र है। उड़नदस्ता दल में तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक, मंडी निरीक्षक और अन्य अधिकारी शामिल किए गए हैं, जो बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण कर रहे हैं। अवैध परिवहन या स्टॉक की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जा रही है कलेक्टर ने साफ कहा की अवैध धान व्यापार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।