पटना। बिहार चुनाव 2025 में हार के बाद पटना स्थित तेजस्वी यादव के आवास पर शनिवार को महागठबंधन के विधायकों का जमावड़ा लगा रहा। सभी दलों ने तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से महागठबंधन विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
कांग्रेस एमएलसी ने कही ये बात
बैठक के बाद कांग्रेस एमएलसी समीर सिंह ने साफ कहा कि महागठबंधन विपक्ष की भूमिका को लड़ाई नहीं, जिम्मेदारी की तरह निभाएगा। उन्होंने कहा जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे, लेकिन सकारात्मक राजनीति करेंगे। वोट चोरी से जो सत्ता बनी है उसे जनता तक सच बताएंगे।
तेजस्वी ने बचाई अपनी सीट
राघोपुर सीट से तेजस्वी यादव ने 14,532 वोटों से जीत दर्ज की। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद मिली यह जीत उनके समर्थकों के लिए भावनात्मक पल थी। 17वीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहने का अनुभव भी उनके पक्ष में गया। नेता प्रतिपक्ष बनने के साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री के बराबर अधिकार मिलते हैं नीति और फैसलों में सीधा हस्तक्षेप करने का अवसर।
महागठबंधन में इस बार बहुत कम विधायक
इस बार महागठबंधन महज 35 सीटों पर सिमट गया। आरजेडी को 25, कांग्रेस को 6, माले को 2, माकपा और इंडियन इन्क्लुसिव पार्टी को 1-1 सीट। दूसरी ओर एनडीए 202 सीटों के साथ भारी बहुमत में आ गया। अब महागठबंधन ने तय किया है-सदन से सड़क तक विपक्ष की आवाज तेज होगी।
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