Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार के बाद कांग्रेस अब नए रास्ते तलाशती दिख रही है। दो दिन पहले महागठबंधन की बैठक में कांग्रेस के चार विधायक शामिल नहीं हुए, जिससे अंदरूनी असहमति साफ दिखी। इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने 1 दिसंबर को सदाकत आश्रम में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई थी, जिसे आलाकमान ने निर्देशित किया था। 

10 हजार रुपए की वजह से हारे चुनाव- राजेश राम

समीक्षा बैठक में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि, समीक्षा बैठक में बिहार चुनाव में हुई हार और हम क्यों हारे? इस पर चर्चा हुई। गठबंधन के सभी लोग और हमारे उम्मीदवारों ने खुलकर बात की, जिस तरह से मतदाताओं के खाते में पैसे डाले गए और आज उसका नतीजा यह है कि हमारा वोट पोल तो बढ़ा है, लेकिन हार में वह 10 हज़ार रुपये प्रभावी रहे जो आचार संहिता के बावजूद चुनाव आयोग ने (NDA को) लोगों के खाते में डालने दिया।

कांग्रेस को मिली महज 6 सीटों पर जीत

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को बुरी हार का सामना करना पड़ा था। 2020 में 75 सीटों के साथ राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनने वाली राजद इस बार महज 25 सीटों पर सिमट कर रह गई। वहीं, 61 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस के खाते में केवल 6 सीटें ही आईं, जबकि महागठबंधन में डिप्टी सीएम पद के उम्मीदवार मुकेश सहनी की वीआईपी का खाता तक नहीं खुल पाया।

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