Pradosh Vrat 2026: 1 जनवरी को रखा जाएगा साल का पहला प्रदोष व्रत, भोलेनाथ की मिलेगी कृपा

गुरु प्रदोष का व्रत 1 जनवरी 2026 को रखा जाएगा

जब प्रदोष का दिन गुरुवार को पड़ता है, तो इसे गुरु प्रदोष के नाम से जाना जाता है।

गुरु प्रदोष का व्रत करने से ज्ञान, शिक्षा, धन, धर्म और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है

पंचांग के अनुसार, पौष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 1 जनवरी को मध्यरात्रि 1 बजकर 47 मिनट से होगा

त्रयोदशी तिथि का समापन 1 जनवरी को रात 10 बजकर 22 मिनट पर होगा। प्रदोष काल शाम 5 बजकर 35 मिनट से रात 8 बजकर 19 मिनट तक रहेगा

गुरु प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 35 मिनट से रात 8 बजकर 19 मिनट तक रहेगा

गुरु प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 35 मिनट से रात 8 बजकर 19 मिनट तक रहेगा