JHARKHAND: डीजीपी नियुक्ति पर एक बार फिर सियासत शुरू हो गई है. झारखंड में डीजीपी तदाशा मिश्रा को सेवा विस्तार दिए जाने के बाद राजनीति गरमा गई है। राज्य सरकार द्वारा प्रभारी डीजीपी तदाशा मिश्रा को सेवाकाल के अंतिम दिन स्थायी डीजीपी के रूप में 8.01.2025 को जारी विभागीय अधिसूचना संख्या 76 द्वारा गठित महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड का चयन एवं नियुक्ति नियमावली 2025 तथा संकल्प संख्या 5051 दिनांक 29.12.2025 द्वारा संशोधित प्रावधान का हवाला देते हुए नियुक्त कर सभी को चौंका दिया है. जाहिर तौर पर अब इसको लेकर सवाल उठने लगे हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनके निर्णय के लिए बधाई दी और कहा कि बधाई इस बात के लिए कि आपने बता दिया है कि नियम कानून, संविधान और न्यायालय आपके लिए कोई मायने नहीं रखते हैं.

जिस फैसले को लेकर पहले से ही कयास लगाए जा रहे थे कि तदाशा मिश्रा के रिटायरमेंट के बाद किसी नए चेहरे को डीजीपी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उसी बीच सरकार ने उन्हें एक्सटेंशन देने की घोषणा कर दी। इस फैसले के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोला है। बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए तंज कसा। उन्होंने लिखा कि यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री के लिए नियम, कानून, संविधान और न्यायपालिका का कोई महत्व नहीं रह गया है।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह तो मुख्यमंत्री ने अपने निर्णय से साबित कर ही दिया है, लगे हाथ यह काम भी कर ही देना चाहिए लेकिन इतना जरूर है कि कानून, संविधान, न्यायपालिका की परवाह भले ही मुख्यमंत्री नहीं करें लेकिन भगवान से जरूर डरें. ईश्वर के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं, वो सब देख रहे हैं, उसकी लाठी चलती है तो आवाज नहीं होती है लेकिन चोट बहुत लगती है. बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया के माध्यम से वर्ष अंतिम दिन सांकेतिक प्रहार करते हुए नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नए साल में नए संघर्ष की शुरूआत होगी. मरांडी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर इतिहास में “जंगल राज” चलाने वालों की सूची बनाई जाएगी, तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उसमें सबसे ऊपर अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।

कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने शिष्टाचार भेंट की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तदाशा मिश्रा को पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक के पद पर नियुक्ति एवं पदस्थापन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं.

गौरतलब है कि तदाशा मिश्रा 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. इन्हें नवंबर 2025 में अनुराग गुप्ता के स्थान पर कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया था. अनुराग गुप्ता की नियुक्ति फरवरी 2025 में हुई थी. तदाशा मिश्रा ने 7 नवंबर 2025 को पदभार संभाला और दिसंबर 2025 में उनकी नियुक्ति को नियमित कर दिया गया है. इस तरह से तदाशा मिश्रा, झारखंड की पहली महिला महिला पुलिस पदाधिकारी हैं जो डीजीपी बनी हैं.

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