केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बुधवार (31 दिसंबर) को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके आवास पर मुलाकात की. इस बैठक का मुख्य मुद्दा मुंबई और ठाणे में होने वाले आगामी नगर निगम चुनाव रहे. रामदास अठावले ने इन चुनावों में अपनी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भाजपा–शिवसेना कोटे से अतिरिक्त सीटों की मांग रखी. केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर मुंबई और ठाणे नगर निगम चुनावों में आरपीआई (अठावले) को बीजेपी-शिवसेना कोटे से अतिरिक्त सीटें देने की मांग की. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के गठबंधन पर निशाना साधते हुए इसे अपनी पार्टी के साथ विश्वासघात करार दिया था. अठावले का कहना था कि गठबंधन में शामिल रहते हुए भी आरपीआई (ए) को नजरअंदाज किया जाना पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए निराशाजनक है.

इस मुलाकात से एक दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुंबई नगर निगम चुनावों के सीट-बंटवारे के समझौते से अपनी पार्टी को बाहर रखने पर नाराजगी जताई थी। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुंबई सहित अन्य बड़े नगर निगमों में प्रतिनिधित्व को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को सामने रखा. उन्होंने साफ कहा कि यदि आरपीआई (ए) को सम्मानजनक हिस्सेदारी नहीं मिली तो जमीनी स्तर पर गलत संदेश जाएगा.

बैठक में रामदास अठावले ने औपचारिक रूप से भाजपा-शिवसेना कोटे से अतिरिक्त सीटें देने का अनुरोध किया, ताकि उनकी पार्टी चुनावों में मजबूती से उतर सके. उनका तर्क था कि दलित और वंचित वर्गों में आरपीआई (ए) की पकड़ है और इसका लाभ गठबंधन को भी मिल सकता है. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने प्रमुख सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक निकायों में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को शामिल करने की भी मांग रखी. उनका कहना था कि इससे न सिर्फ कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी.

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुंबई बीएमसी चुनावों के लिए महायुति गठबंधन के सीट बंटवारे समझौते से आरपीआई (ए) को बाहर रखे जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इसे विश्वासघात करार दिया। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के नेता रामदास अठावले ने मंगलवार को मुंबई महापालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए भाजपा और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के बीच हुए सीट शेयरिंग समझौते से अपनी पार्टी को बाहर रखे जाने को “विश्वासघात” करार दिया। महायुति की जंग अब खुलकर सामने आ गई है। इससे पहले एनसीपी अजित पवार भी महायुति से अलग होकर बीएमसी चुनाव लड़ रही है।

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