सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। मध्य प्रदेश से सटी छत्तीसगढ़ सीमा पर बसे सिंगरौली के माड़ा रेंज में इन दिनों ठंड नहीं, बल्कि लकड़ी माफिया की गर्म आरी चल रही है। जंगल कट रहे हैं, तस्कर बेखौफ हैं और सिस्टम रजाई ओढ़कर सोया हुआ है। ऐसा इसलिए कह रहे है क्यों कि एक वीडियो सामने आया है, जिससे प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है।

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें तस्कर खुलेआम कह रहा है कि 1000 रुपये में लकड़ी देते हैं। माड़ा रेंज के धरी, बिंदुल और चूड़ी पाठ के रास्तों से रोज़ाना लकड़ी की तस्करी हो रही है। कागजों में 24 घंटे निगरानी है, लेकिन हकीकत में रात होते ही जंगल में आरी का शोर गूंजता है। बाइक पर लकड़ी लदती है और सुबह जंगल ऐसे दिखते हैं जैसे पेड़ खुद ही गायब हो गए हों।

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सबसे बड़ी वजह- ठंड। इतनी ठंड कि गश्त अधिकारियों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानी जा रही है। अब सवाल ये है कि जंगल कट रहे हैं तो जिम्मेदार कौन ? या फिर मान लिया जाए कि सिस्टम की नींद, हर गिरते पेड़ के साथ और गहरी होती जा रही है।

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1000 रुपये में लकड़ी-फ्री में सिस्टम की नींद!

सिंगरौली के माड़ा रेंज में जंगल कट रहे हैं, तस्कर मुस्कुरा रहे हैं और वन विभाग रजाई में है। अगर यही हाल रहा तो अगली पीढ़ी को जंगल सिर्फ किताबों में मिलेंगे।

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