पटना। बिहार सरकार की फिल्म प्रोत्साहन नीति का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। कला और संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने बताया कि राज्य में अब तक 37 फिल्मों, वेब सीरीज और डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट्स को विभिन्न लोकेशनों पर शूटिंग की अनुमति दी जा चुकी है। उनका कहना है कि बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति-2024 ने राज्य को सिनेमा जगत में नई पहचान दिलानी शुरू कर दी है।
नीति के प्रचार और संस्थान की स्थापना पर जोर
प्रणव कुमार ने कहा कि जहां भी बड़े आयोजन होते है वहां बिहार सरकार अपनी नीतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करती है। उन्होंने बताया कि राज्य में बिहार फिल्म और ड्रामा संस्थान की स्थापना के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है। साथ ही कई पर्यटन स्थलों के विकास और पांडुलिपि संरक्षण के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।
छात्रवृत्ति और लोक कलाओं के संरक्षण की पहल
फिल्म और नाट्य क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए चलाई जा रही छात्रवृत्ति योजना के तहत अब तक 13 लाख रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। वहीं, विलुप्तप्राय लोक कलाओं को पुनर्जीवित करने के लिए मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना लागू की गई है जिसके अंतर्गत अनुभवी कलाकार युवाओं को पारंपरिक कला, लोक संगीत, नृत्य और वादन की ट्रेनिंग दे रहे है। इस योजना के तहत अब तक 233 आवेदन प्राप्त हुए है।
वरिष्ठ कलाकारों के लिए पेंशन योजना
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ एवं उपेक्षित कलाकारों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना भी प्रभावी ढंग से लागू है, जिसके अंतर्गत पात्र कलाकारों को प्रतिमाह 3000 रुपये पेंशन दी जा रही है।
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