पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद। पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशन एवं राजपत्रित अधिकारियों के मार्गदर्शन में वर्ष 2025 के दौरान गरियाबंद पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान, अपराध नियंत्रण, यातायात सुरक्षा, साइबर अपराध, नशा मुक्ति एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है। इन प्रयासों से जिले में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता

वर्ष 2025 में गरियाबंद पुलिस ने जिला बल एवं अर्धसैनिक बलों के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए नक्सल विरोधी अभियान को प्रभावी रूप से अंजाम दिया। जनवरी 2025 से अब तक नक्सल मुठभेड़ों में 7 टॉप नक्सल लीडर सहित कुल 31 नक्सलियों को मार गिराया गया, जिनमें गरियाबंद जिले के 28 एवं अन्य जिलों के 3 नक्सली शामिल हैं। मुठभेड़ों के दौरान जंगलों से 49 नग विभिन्न प्रकार की राइफलें बरामद की गईं। वहीं पुनर्वास नीति के अंतर्गत कुल 31 नक्सलियों ने 10 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। इनमें से 5 को पुलिस आरक्षक के पद पर नियुक्ति दी गई है, जबकि शेष नक्सली प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सभी को स्वास्थ्य, आवास एवं स्वरोजगार की सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।

अपराध नियंत्रण में सख्ती

गरियाबंद पुलिस ने वर्ष 2025 में गंभीर एवं संगठित अपराधों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की। चोरी, लूट, डकैती, अवैध शराब, जुआ-सट्टा एवं नशीले पदार्थों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया गया। अपराध दर में कमी लाने 25 प्रकरणों में जिलाबदर, 6 निगरानी एवं 18 गुंडा बदमाशों की फाइलें खोली गईं। चोरी, लूट एवं डकैती के 93 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 47 मामलों का सफल खुलासा करते हुए 66 लाख 26 हजार 810 रुपये की संपत्ति बरामद की गई।

नशा मुक्ति अभियान ‘नशा सवेरा’

‘नशा सवेरा’ अभियान के तहत युवाओं एवं आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने जागरूकता कार्यक्रम, शपथ ग्रहण एवं जनसंवाद आयोजित किए गए। अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए गांजा के 48 प्रकरणों में 790.644 किलोग्राम गांजा (कीमत लगभग 1 करोड़ 2 लाख रुपये) जब्त किया गया। इसके अलावा नशीली दवाइयों, इंजेक्शन एवं हेरोइन के मामलों में भी आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। अवैध शराब के विरुद्ध 641 प्रकरणों में 658 आरोपियों पर कार्रवाई कर 5060.475 बल्क लीटर अवैध शराब जप्त की गई, साथ ही 40 दोपहिया एवं 2 चारपहिया वाहनों पर कार्रवाई की गई।

यातायात सुरक्षा पर विशेष जोर

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात जागरूकता अभियान, स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रम, हेलमेट एवं सीट बेल्ट जांच तथा शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई। यातायात नियमों के उल्लंघन के 6392 प्रकरणों में 39 लाख 14 हजार 900 रुपये का समन शुल्क वसूला गया।

साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूकता

ऑनलाइन ठगी एवं साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए ग्राम स्तर तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जनवरी 2025 से अब तक साइबर फ्रॉड के माध्यम से ठगे गए लगभग 34 लाख 58 हजार 914 रुपये की राशि पीड़ितों को वापस कराई गई है।
सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से गुम एवं चोरी हुए 585 मोबाइल फोन (कीमत लगभग 1 करोड़ 17 लाख रुपये) खोजकर नागरिकों को लौटाए गए।

महिला एवं बाल सुरक्षा

महिला सुरक्षा संबंधी शिकायतों एवं अभिव्यक्ति ऐप के माध्यम से प्राप्त ऑनलाइन शिकायतों का त्वरित निराकरण किया गया। स्कूलों में बाल सुरक्षा सप्ताह, गुड टच-बैड टच एवं कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

सामुदायिक पुलिसिंग एवं जनसंपर्क

पुलिस-जनता के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए ग्राम चौपाल, मेडिकल कैंप, महिला एवं बाल सुरक्षा कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा मिला।

अवैध धान परिवहन पर कार्रवाई

पिछले एक माह से अधिक समय में देवभोग, अमलीपदर, छुरा एवं इंदागांव थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 52 चारपहिया वाहन एवं 4 लावारिस मामलों में कुल 6778 कट्टा धान (2911.5 क्विंटल), जिसकी कीमत लगभग 90 लाख 25 हजार रुपये है, जप्त कर संबंधित विभाग को सुपुर्द किया गया।

गरियाबंद पुलिस जनसेवा, सुरक्षा एवं विश्वास के संकल्प के साथ आगे भी जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।