Neerja Modi School CBSE Affiliation Cancelled: जयपुर. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के नीरजा मोदी स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्तर तक की संबद्धता तत्काल प्रभाव से निरस्त करने से अभिभावक चिंतित है कि बच्चों की आगे की व्यवस्था कैसे करेंगे? सबसे अधिक चिंतित कक्षा आठ, नौ, दस और ग्यारहवीं के विद्यार्थी रहे, उनका कहना था कि आगे क्या होगा? गौरतलब है कि एक नवंबर को स्कूल परिसर में कक्षा चार की 9 वर्षीय छात्रा अमायरा के चौथी मंजिल से गिरकर मौत की दुखद घटना के बाद बोर्ड ने दो सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमिटी गठित की थी.
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जांच में खुलासा हुआ कि स्कूल में सीसीटीवी की प्रभावी निगरानी, कॉरिडोर व खुले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्थाएं, काउंसलिंग सिस्टम, एंटी बुलिंग नीति और स्टाफ की सतर्कता जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह अनुपस्थित या अप्रभावी थीं. उन्होंने बताया कि सिर्फ चार कक्षाओं की मान्यता रद्द करने के बजाए पूरी स्कूल की मान्यता रद्द की जानी चाहिए.
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क्या है नए आदेश
इस सत्र में दसवीं और बारहवीं कक्षा के छात्र इसी स्कूल में परीक्षा दे सकेंगे. जबकि कक्षा 9 वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को 31 मार्च, 2026 तक नजदीकी स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा. कक्षा 9वीं और 11वीं में अब कोई नया प्रवेश नहीं लिया जाएगा सकेगा और ना ही निचली कक्षाओं के विद्यार्थियों को पदोन्नत किया जा सकेगा.
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रात भर रोए बच्चें, सो नहीं पाए
11वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र के पिता मोहित माथुर ने कहा कि सीबीएसई के इस फैसले से बच्चें परेशान है और मेरा बेटा रात भर सो नहीं पाया. सुरेन्द्र चेतीवाल ने बताया कि मेरी दो बेटियां इस स्कूल में पढ़ती है. एक बेटी फर्स्ट क्लास और एक फोर्थ क्लास में पढ़ती है. सीबीएसई का यह फैसला एक तरफा है और पांच हजार छात्रों के बच्चों के भविष्य को दांव पर लगा दिया. यह फैसला पूरी तरह गलत है. बच्चियों का रो-रो कर बुरा हाल है, उनको समझाना मुश्किल हो रहा है. मानसरोवर एक्सटेंशन निवासी श्यामली सिंह ने बताया कि उनकी बेटी 11वीं कक्षा में पढ़ती है. सीबीएसई के इस फैसले के बाद से बच्ची काफी परेशान है और वह रो रही है. यह एक तरफा फैसला है.
‘बोर्ड का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और विशेष रूप से कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए कठिन है, क्योंकि यह उनके शैक्षणिक जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण समय है. हम अपने विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों के लिए प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है.’ इन्दु दुबे, प्रधानाचार्य, नीरजा मोदी स्कूल
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