झांसी. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने सेंट्रल GST में तैनात डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी ( IRS-C&IT 2016 ) सहित 2 अधीक्षकों (अनिल तिवारी, अजय शर्मा), वकील नरेश गुप्ता और जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राजू मंगतानी को गिरफ्तार किया था. इस कार्रवाई के बाद से हड़कंप मचा हुआ है. चीफ कमिश्नर पीके कटियार की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं. आरोप है कि अनिल तिवारी सुपरिटेंडेंट को कटियार का संरक्षण था. अनिल तिवारी 20 सालों से झांसी में ही तैनात रहा. प्रभा भंडारी भी चीफ कमिश्नर की खास अफसरों में रहीं हैं. जिससे चीफ कमिश्नर सवालों के घेरे में हैं.

CGST अफसरों ने सरकार को सैकड़ों करोड़ का चूना लगाया है. गुटखा सिंडिकेट से CGST अफसरों की सांठगांठ का भी आरोप है. पीके कटियार ने गुटखा इंडस्ट्री पर कोई केस नहीं किया. एक साल में गुटखा इंडस्ट्री पर कोई केस दर्ज नहीं हुआ. कमला पसंद, दिलबाग, शुद्ध प्लस पान मसाला सिंडिकेट हैं. शिखर और SIR पान मसाला CGST को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं. पान मसाले में हर महीना 100 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी का आरोप है. पीके कटियार लखनऊ में तैनात हैं, लेकिन रहते कानपुर में हैं. रिमझिम सरिया के मालिकों से पीके कटियार की दोस्ती भी सामने आई है. एक बड़े उद्योगपति की सुविधाओं पर कटियार कानपुर में जमे हैं.

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बता दें कि बुधवार को सीबीआई की टीमों ने बुधवार सुबह अलग-अलग जगहों पर छापा मारा और जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, सेवाराम मिल कंपाउंड निवासी अधीक्षक अनिल तिवारी, अजय कुमार शर्मा समेत प्रोपराटर राजू मंगनानी और अधिवक्ता नरेश कुमार गुप्ता को अरेस्ट किया. सीबीआई के अफसरों के मुताबिक यह संगठित रिश्वतखोरी का मामला है. जहां जिम्मेदार अधिकारी चंद पैसों के लिए लोगों को जीएसटी जांच और सेटलमेंट में फर्जी तरीके से लाभ पहुंचा रहे थे. यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा मानी जा रही है. सीबीआई ने कहा है कि जांच आगे बढ़ रही है और अन्य संलिप्त लोगों को भी शिकंजे में लिया जाएगा.