Pratik Chauhan. रायपुर. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के रायपुर मंडल में एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा महिला कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है. मुख्य आरक्षण कार्यालय में पदस्थ एक आदिवासी महिला कर्मचारी ने सीनियर मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Senior DCM) अवधेश त्रिवेदी पर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है.

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता महिला कर्मचारी, कल्पना कृष्णा स्वामी पुल्लेवार (ECRC), के अनुसार घटना 31 दिसंबर 2025 की शाम करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच की है. महिला कर्मचारी अपने प्रमोशन की फाइल के संबंध में जानकारी लेने मंडल कार्यालय गई थीं. जब उन्होंने विनम्रतापूर्वक सीनियर डीसीएम अवधेश त्रिवेदी से फोन पर फाइल को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया, तो अधिकारी कथित तौर पर भड़क गए.

“तुम नहीं जानती मैं कौन हूँ” – बीच दफ्तर में हंगामे का आरोप

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि सीनियर डीसीएम ने आवेश में आकर चिल्लाते हुए महिला कर्मचारी को धमकाया. महिला का आरोप है कि अधिकारी ने उनसे कहा, “तुम मुझे नहीं जानती कि मैं कौन हूँ, मैं तुम्हारा सीनियर डीसीएम हूं.” शिकायत के मुताबिक, विवाद यहीं नहीं थमा. अधिकारी ने कथित तौर पर एसीएम (ACM) चेंबर में 6-7 कर्मचारियों के सामने और फिर दफ्तर के गेट के बाहर सभी स्टाफ के समक्ष महिला को दोबारा अपमानित किया.

मानसिक आघात और विभागीय जांच की मांग

पीड़ित कर्मचारी ने मंडल रेल प्रबंधक (DRM) को लिखे पत्र में कहा है कि “एक लोक सेवक होने के नाते अपने अधीनस्थ कर्मचारी के साथ संवेदनापूर्वक बात करने के बजाय, सार्वजनिक रूप से अपमानित करना उच्च अधिकारी को शोभा नहीं देता. एक आदिवासी महिला के साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है.”

कर्मचारी ने प्रशासन से मांग की है कि:

•     मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच की जाए.

•     अभद्र व्यवहार करने वाले अधिकारी के विरुद्ध उचित कार्यवाही की जाए.

तुम ही हो न ? जिसने लल्लूराम में मेरे खिलाफ खबर छपवाई ?

इस दौरान सीनियर डीसीएम अवधेश त्रिवेदी इस बात पर भी उक्त महिला कर्मचारी और उसके साथ मौजूद उसके भाई पर नाराज हुए और कहा कि तुम ही हो न, जिसने लल्लूराम में खबर छपवाई थी ? आपको बता दें कि ये वहीं सीनियर डीसीएम है जिन्होंने लल्लूराम में खबर प्रकाशित होने के बाद अपने ऑफिस में तमाम स्टॉफ के मोबाइल की जांच करवाई थी, लेकिन उन्हें कोई प्रमाण नहीं मिला. इसके अलावा अपने घर में अनाधिकृत तरीके से स्टॉफ रखे जाने को लेकर वे सुर्खियों में रहे, इसके अलावा जनसंपर्क विभाग के दफ्तर को हटाकर अपना चेंबर बड़ा किए जाने को लेकर भी वे खबरों में रहे है. सूत्र बताते है कि चेंबर में बुलाकर अपनी नाराजगी व्यक्त करने का ये कोई नया मामला नहीं है, सीनियर डीसीएम के इस व्यवहार से पूरा रेल प्रशासन और मीडिया जगत वाकिफ हैं.