चंडीगढ़। स्टेट टैक्स कमिश्नर पंजाब ने एक साल से अधिक समय से अनधिकृत छुट्टी पर पाए गए 4 विभागीय कर्मचारियों के ‘डीम्ड इस्तीफे’ के आदेश जारी किए हैं। इस इस्तीफे के परिणामस्वरूप इन व्यक्तियों को कोई ग्रैच्यूटी, पेंशनरी लाभया कोई अन्य सेवा-संबंधित लाभ नहीं दिया जाएगा।

स्टेट टैक्स कमिश्नर जितेंद्र जोरवाल द्वारा जारी किए गए ये आदेश 3 आबकारी एवं कर इंस्पेक्टरों एवं एक क्लर्क पर लागू होते हैं, जो कई कानूनी नोटिसों एवं अपने संबंधित कार्यालयों में पुनः हाजिर होने का मौका दिए जाने के बावजूद अपनी ड्यूटियों से अनुपस्थित रहे। पंजाब सिविल सेवाएं (सजा एवं अपील) नियम 1970 के नियम 8 के तहत की गई एक सख्त जांच प्रक्रिया के बाद इन 4 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं।

इस मामले में एक इंस्पैक्टर अपनी छुट्टी की अर्जी उच्च अधिकारियों द्वारा रद्द किए जाने के बाद 15 मार्च, 2023 से जालंधर-2 में अपने पद से अनुपस्थित था।
एक अन्य इंस्पेक्टर 24 जून, 2023 से लगातार अनुपस्थित पाया गया। वह निलंबित किए जाने के बावजूद अपने निर्धारित मुख्यालय को संतोषजनक स्पष्टीकरण या रिपोर्ट देने में असफल रहा। विभाग द्वारा रोपड़ रेंज के एक इंस्पेक्टर के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई, जो अपनी मंजूरशुदा एक्स-इंडिया छुट्टी की समाप्ति के बाद 29 मई, 2021 से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित था।

इस कर्मचारी द्वारा स्वास्थ्य संबंधी एवं हृदय सर्जरी के दावों के बावजूद स्वतंत्र जांचों में उसे अपनी सरकारी ड्यूटियों में लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया गया क्योंकि वह वर्चुअल मोडों द्वारा भी जांच में शामिल होने में असफल रहा। इसके अलावा जालंधर ऑडिट विंग के एक क्लर्क द्वारा एक्स-इंडिया छुट्टी की मंजूरी न मिलने के बाद 11 सितम्बर, 2023 से ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करने में असफल रहने के बाद उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।