CG News : बिलासपुर. पटवारी से पदोन्नत होकर राजस्व निरीक्षक बनने वाले अभ्यर्थियों की याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है. याचिका में चयनितों को प्रशिक्षण के लिए भेजने की मांग की गई थी. याचिका खारिज करते हुए जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने कहा है कि जब पूरी चयन प्रक्रिया ही संदेह के घेरे में हो, तब किसी भी तरह का लाभ देना उचित नहीं होगा.

राजस्व विभाग द्वारा वर्ष 2023 में पटवारी से राजस्व निरीक्षक पदोन्नति के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित की गई थी. इस परीक्षा में राज्यभर से करीब 2600 पटवारियों ने आवेदन किया था. परीक्षा के बाद 216 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया. परिणाम जारी होने के कुछ समय बाद ही परीक्षा को लेकर सवाल उठने लगे.

परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल

चयनितों ने हाई कोर्ट में याचिकाएं लगाईं थीं, इसमें कहा कि वे बिना किसी गलती के परेशान हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि चयन सूची जारी हो चुकी है और नियमों के अनुसार प्रशिक्षण हर साल अक्टूबर में शुरू होना चाहिए था. देरी से उन्हें वरिष्ठता और वेतन का नुकसान हो रहा है. हालांकि, हाई कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जब परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर ही सवाल खड़े हों, तब वैध अपेक्षा का सिद्धांत लागू नहीं किया जा सकता. कहा कि इस स्तर पर प्रशिक्षण शुरू कराना न्यायसंगत नहीं होगा.