नई दिल्ली। इस समय दुनिया में सोने के दाम आसमान छू रहे हैं. भारत में तो लोग सोने में इन्वेस्ट करना काफी पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में वो पांच देश कौन से हैं, जहां सबसे अधिक सोने की खदानें हैं? क्या इसमें भारत भी शामिल है? अगर नहीं तो भारत में इतना सोना आखिर आता कहां से है?
चीन
दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड प्रोड्यूसर है. चीन 2024 में 380 टन (कुछ रिपोर्ट्स में 370-380 एमटी) सोना निकालकर लिस्ट में टॉप पर है. शानदोंग, हेनान और भीतरी मंगोलिया जैसे प्रांतों में बड़ी-बड़ी सोने की खदानें हैं. सख्त एनवायरनमेंट रूल्स से छोटी माइंस बंद हो गई है, लेकिन बड़ी कंपनियां मर्जर से और एफिशिएंट हो गई है. चीन घरेलू डिमांड (ज्वेलरी, टेक्नोलॉजी) पूरी करता है और एक्सपोर्ट भी करता है.
रूस
सैक्शंस के बावजूद रूस नंबर 2 पर है. रूस ने 2024 में 310-330 टन सोना निकाला, खासकर साइबेरिया की ओलंपियाड जैसी जायंट माइंस से. रूस – यूक्रेन क्राइसिस और सैंक्शंस के बाद भी स्टेट-बैक्ड कंपनियां नॉन-वेस्टर्न मार्केट्स पर फोकस कर रही है. हार्श वेदर में भी वर्टिकल इंटीग्रेशन से प्रोडक्शन स्टेबल है.
कनाडा
इन्वेस्टर-फ्रेंडली और ईएसजी स्टैंडर्ड्स इस देश में माइनिंग को आसान बनाती है. कनाडा ने सिर्फ ओंटारियो, क्यूबेक और ब्रिटिश कोलंबिया से 200 टन के करीब सोना निकाला . मजबूत पॉलिसी, अच्छी जियोलॉजी और एक्सप्लोरेशन से रिजर्क्स बढ़ रहे हैं. ये देश ग्लोबल एक्सपोर्ट में मजबूत है.
अमेरिका
इस देश में गोल्ड माइनिंग में नेवादा का दबदबा है. अमेरिका ने 160-170 टन सोना प्रोड्यूस किया, जिसमें नेवादा का 75% हिस्सा है. अलास्का भी इसमें अहम योगदान देता है. बड़ी कंपनियां लॉन्ग-लाइफ माइंस चलाती हैं. रिफाइनिंग और एक्सपोर्ट भी बेहद मजबूत है.
ऑस्ट्रेलिया
ये देश ओपन-पिट माइंस का बादशाह है. ऑस्ट्रेलिया ने 290-300 टन सोना प्रोड्यूस किया . है . बोडिंगटन और कैडिया जैसी ओपन-पिट माइंस दुनिया की सबसे माइंस है. यूएसजीएस के मुताबिक यहां दुनिया के सबसे बड़े रिजर्स हैं. स्टेबल रूल्स, अच्छी इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सप्लोरेशन से ये टॉप 3 में बना हुआ है.


