शराब के साथ चखने का चलन कैसे शुरू हुआ, जानिये स्नैक्स के कितने नाम?
शराब के साथ चखने का चलन कैसे शुरू हुआ, जानिये स्नैक्स के कितने नाम?
शराब का जिक्र होते ही चखने का नाम भी जुबान पर आ जाता है.
शराब का जिक्र होते ही चखने का नाम भी जुबान पर आ जाता है.
भारत में शराब पीने की परंपरा बहुत पुरानी है, लेकिन चखने की शुरुआत बाद में हुई.
भारत में शराब पीने की परंपरा बहुत पुरानी है, लेकिन चखने की शुरुआत बाद में हुई.
आइए जानते हैं कि आखिर यह चखना कब और कैसे शराब का साथी बना?
आइए जानते हैं कि आखिर यह चखना कब और कैसे शराब का साथी बना?
चखना मूल रूप से छोटे-छोटे व्यंजनों का वह समूह है जो शराब के साथ हल्के-फुल्के रूप में खाए जाते हैं.
चखना मूल रूप से छोटे-छोटे व्यंजनों का वह समूह है जो शराब के साथ हल्के-फुल्के रूप में खाए जाते हैं.
स्पेन में इसे टेपस, मिडिल ईस्ट में मेज़े तो भारत में चखना कहा जाने लगा.
स्पेन में इसे टेपस, मिडिल ईस्ट में मेज़े तो भारत में चखना कहा जाने लगा.
देसी ठेकों की मूंगफली और प्याज़ से लेकर बड़े शहरों के गैस्ट्रो-पब के प्लेटर तक, हर जगह चखना अपने परिवेश के हिसाब से रूप बदल कर मौजूद है.
देसी ठेकों की मूंगफली और प्याज़ से लेकर बड़े शहरों के गैस्ट्रो-पब के प्लेटर तक, हर जगह चखना अपने परिवेश के हिसाब से रूप बदल कर मौजूद है.