17वीं शताब्दी में बने इस गेट का निर्माण उस दौर में हुआ था, जब दिल्ली एक मजबूत किलेबंद राजधानी के रूप में विकसित की जा रही थी.
17वीं शताब्दी में बने इस गेट का निर्माण उस दौर में हुआ था, जब दिल्ली एक मजबूत किलेबंद राजधानी के रूप में विकसित की जा रही थी.