अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एक नई वैश्विक ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें 21 देशों की यात्रा न करने की सख्त सलाह दी गई है. यह एडवाइजरी गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को जारी की गई. खास बात यह है कि इस सूची में भारत और पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं है, जिससे दोनों देशों को लेकर किसी तरह की नई यात्रा पाबंदी की अटकलों पर विराम लग गया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि हम अमेरिकी नागयह एडवाइजरी ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल में जारी की गई है और इसका उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों को उन देशों में यात्रा से रोकना है, जहां सुरक्षा हालात बेहद गंभीर हैं या वहां अमेरिकी नागरिकों की मदद करने की क्षमता सीमित है.
अमेरिका के विदेशी कांसुलर मामलों के विभाग ने गुरुवार (8 जनवरी, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में ट्रैवल एडवाइजरी जारी की. पोस्ट में अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि हम अमेरिकी नागरिकों के लिए लेवल 1 से 4 के साथ ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर रहे हैं. इसमें लेवल-4 का मतलब है कि वहां यात्रा न करें.
- लेवल-1 का मतलब है सामान्य सावधानी बरतें
- लेवल-2 में अतिरिक्त सतर्कता की सलाह दी जाती है
- लेवल-3 में यात्रा पर पुनर्विचार करने को कहा जाता है
- जबकि लेवल-4 सबसे गंभीर श्रेणी है, जिसमें किसी भी कारण से यात्रा न करने की चेतावनी दी जाती है
अमेरिका ने गुरुवार (8 जनवरी, 2026) को अपने नागरिकों के लिए आधिकारिक ट्रेवल एडवाइजरी जारी की है. ट्रंप प्रशासन ने एडवाइजरी में अमेरिकी नागरिकों को दुनिया के इन 21 देशों की यात्रा नहीं करने की सलाह दी है. इन देशों में रूस, यूक्रेन, लीबिया, बुर्किना फासो जैसे देश शामिल हैं, हालांकि इनमें भारत-पाकिस्तान का नाम नहीं है. पोस्ट में कहा गया कि हम स्थानीय परिस्थितियों और इन देशों में मौजूद अमेरिकी नागरिकों तक मदद पहुंचाने में अपने सीमित क्षमता को ध्यान में रखते हुए लेवल-4 असाइन करते हैं. ये जगहें खतरनाक हैं. वहां किसी भी कारण से इन स्थानों पर यात्रा न करें.
इन 21 देशों में यात्रा न करने की अपील
- अफगानिस्तान
- बेलारूस
- बुर्किना फासो
- बर्मा
- सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक (CAR)
- हैती
- ईरान
- इराक
- लेबनान
- लिबिया
- माली
- नाइजर
- उत्तर कोरिया
- रूस
- सोमालिया
- दक्षिण सुडान
- सुडान
- सीरिया
- यूक्रेन
- वेनेजुएला
- यमन
अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से यह कदम रूस की ओर से परमाणु धमकी के बाद उठाई गई है. दरअसल, अमेरिका की सेना ने अटलांटिक महासागर में एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर मरीनेरा को जब्त कर लिया, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है. इस ट्रैवल एडवाइजरी के पीछे अमेरिका और रूस के बीच बढ़ता तनाव भी एक अहम वजह माना जा रहा है. हाल ही में अमेरिकी सेना ने अटलांटिक महासागर में एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर ‘मरीनेरा’ को जब्त किया था. इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया.
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