मेरठ। जिले के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दिनदहाड़े दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण मामले मे सियासत गरमा दी है। घटना के बाद सरधना विधायक अतुल प्रधान पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिसके बाद मौके पर भारी हंगामा हुआ और सपा विधायक गांव के ही बाहर धरने पर बैठ गए। सपा विधायक को जब रोका गया तो पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई। माहौल गर्माने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया।

वहीं सपा विधायक के धरने की खबर मिलते ही मृत महिला के पति अपने बेटे के साथ मौके पर पहुंचे और न्याय के लिए अतुल प्रधान के साथ धरने पर बैठ गए। इस दौरान अतुल प्रधान ने कहा कि 24 घंटे बीतने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सरकार आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। वहीं परिजनों ने कहा कि जब तक आरोपी अरेस्ट नहीं होगा तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने गांव जाने वाला रास्ते पर बैरिकेडिंग लगा कर बंद कर दिया है।

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क्या है पूरा मामला

बता दें कि मेरठ के कपसाड़ में दिनदहाड़े एक युवक ने दलित युवती रूबी के किडनैप और उसकी मां की नृशंस हत्या कर दी। आरोपी ने दलित महिला सुनीता पर बेरहमी से धारदार हथियार से हमला किया गया था, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर रखा गया था। जिंदगी और मौत के बीच करीब 7 घंटे तक जद्दोजहद करने के बाद रूबी की मां सुनीता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

बताया जा रहा है कि सुबह गांव के दबंग पारस राजपूत ने सुनीता के सामने ही उसकी जवान बेटी का अपहरण कर लिया। जब सुनीता ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुनीता को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश और भय का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।