मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का त्योहार हिंदू धर्म में बेहद ही खास माना जाता है. पौष माह में जिस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं उस दिन मकर संक्रांति का पर्व को मनाया जाता है. मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का त्योहार पौष माह के षट्तिला एकादशी तिथि पर पड़ रही है. इस दिन सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं, जिसे देवताओं का दिन कहा जाता है. इस दिन सूर्योदय से पहले गंगा या पवित्र नदियों का स्नान अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन दान का भी विशेष महत्व होता है.

कब है मकर संक्रांति 2026?

पंचांग के अनुसार, सूर्य देव 14 जनवरी 2026, बुधवार की दोपहर 3 बजकर 13 मिनट के आसपास मकर राशि में प्रवेश करेंगे. ऐसे में मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को ही मनाया जाएगा. दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू हुए ये पुण्य काल लगभग 2 घंटे 32 मिनट तक मान्य रहेगा. इस काल में स्नान-दान, सूर्य को अर्घ्य और जप-तप विशेष फलदायी माने जाते हैं.

मकर संक्रांति पर इन चीजों का करें दान

बता दें कि मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के दिन खिचड़ी दान करने और खाने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के दिन तिल, गुड़, खिचड़ी, चावल, हल्दी, नमक, उड़द, धान आदि का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पापों का नाश होता है.