अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ‘ऑपरेशन आहट’ और ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत एक विशेष अभियान में 8 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है. यह कार्रवाई आरपीएफ डीडीयू के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ और चाइल्ड हेल्प डेस्क की संयुक्त टीम द्वारा की गई.

शुक्रवार को डीडीयू जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर खड़ी गाड़ी संख्या 12987 अप अजमेर–सियालदह एक्सप्रेस के सामान्य कोच में चेकिंग के दौरान ये बच्चे संदिग्ध अवस्था में पाए गए. पूछताछ में सभी बच्चों ने अपनी उम्र 13 से 16 वर्ष के बीच बताई. बच्चों ने बताया कि बिहार (कैमूर व रोहतास जिला) के छह बच्चे अपने परिजनों को बिना बताए काम की तलाश में जयपुर जा रहे थे. वहीं, पश्चिम बंगाल (साउथ 24 परगना) के दो बच्चे पारिवारिक कारणों से नाराज होकर अजमेर की ओर काम ढूंढने निकले थे.

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इन सभी नाबालिग बच्चों को तुरंत ट्रेन से उतारकर आरपीएफ पोस्ट डीडीयू लाया गया. यहां चाइल्ड लाइन डीडीयू के कर्मचारियों ने उनकी काउंसलिंग की और उनके परिजनों को सूचित किया गया. अग्रिम कार्रवाई के लिए सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से चाइल्ड लाइन डीडीयू के ऑन-ड्यूटी स्टाफ को सौंपा गया, ताकि उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाया जा सके.