सुधीर सिंह राजपूत, मिरजापुर. सदर तहसील के ग्राम देवापुर पचवल से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक गरीब मजदूर ने ग्राम पंचायत अधिकारी पर आवास योजना (PMAY) के नाम पर रिश्वत मांगने और मारपीट करने का आरोप लगाया है. इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी से भी की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. हो भी कैसे? अपने महकमे का व्यक्ति जो फंसा है. अंतत: पीड़ित बबलू बिन्द ने इस संबंध में जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा है.

शिकायत के अनुसार बबलू बिन्द एक गरीब मजदूर हैं और अक्सर बीमार रहते हैं. उन्होंने बताया कि 6 जनवरी 2026 को शाम करीब 4 बजे ग्राम पंचायत अधिकारी दिनेश कुमार सरोज उनके घर आए और प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम स्वीकृत कराने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की. अधिकारी ने आधार कार्ड और पैन कार्ड लेकर प्रधान के घर आने को कहा. इसके बाद पीड़ित अपनी पत्नी के साथ ग्राम प्रधान के घर पहुंचा.

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आरोप है कि जब पीड़ित निर्धारित राशि नहीं ला पाया और पात्रता सूची की जांच कर आवास पास कराने की बात कही, तो ग्राम पंचायत अधिकारी ने आपा खो दिया. शिकायत के मुताबिक अधिकारी ने पीड़ित के बाल पकड़कर गला दबाया, जमीन पर गिराया और लात-घूंसे से बुरी तरह पीटा. इस दौरान पीड़ित की पत्नी और गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे मामला और गंभीर हो गया.

महकमे के अफसर को बचाने में जुटे दूसरे अधिकारी

पीड़ित का कहना है कि उसकी पत्नी ने घटना का वीडियो मोबाइल से रिकॉर्ड किया था, जिसे खंड विकास अधिकारी सिटी को भी भेजा गया, लेकिन वहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई. आरोप है कि अधिकारी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया. विवश होकर पीड़ित ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए. आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए साथ ही एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया जाए.