पंजाब सरकार ने पंजाब में 11 जिलों में स्पोर्ट्स मेडिकल सेंटर खोलने का फैसला लिया है। इस प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। खेल विभाग ने जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह फैसला खिलाड़ी का खेल करियर प्रभावित न हो और वे चोटिल होने से बचते हुए अपनी प्रतिभा को कैसे निखारे इसके लिए लिया गया है.

यह स्पोर्ट्स मेडिकल सेंटर पटियाला, संगरूर, बठिंडा, रोपड़, होशियारपुर, जालंधर, फाजिल्का, फरीदकोट, गुरदासपुर, अमृतसर और लुधियाना में स्थापित किए जाएंगे। हर सेंटर पर सात लोगों का स्टाफ उपलब्ध करवाया जाएगा। स्टाफ की पूरी निगरानी और इन केंद्रों के सफल संचालन के लिए अन्य पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी। ये नियुक्तियां तीन साल के लिए कांट्रैक्ट आधार पर होंगी।

इन नियुक्तियों के अंतर्गत 1 डिप्टी डायरेक्टर, 13 स्पोर्ट्स मेडिकल स्पेशलिस्ट, 1 स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट, 1 स्पोर्ट्स साइकोलोजिस्ट, 1 योगा माहिर, 13 फिजिकल स्पोर्ट्स ट्रेनर, 1 फार्मासिस्ट, 2 लैब तकनीशियन, 1 एक्यूप्रेशरिस्ट, 23 फिजियोथेरेपिस्ट, 23 फिजियोथेरेपिस्ट सहायक, 1 स्पोर्ट्स फिजियोलॉजिस्ट सहायक, एंथ्रोपोमेट्री सहायक, 1 बीसीजी तकनीशियन, 13 बायोमैकेनिक सहायक, 13 नर्सिंग व क्लीनिक सहायक व 1 डाटा एनालिस्ट शामिल हैं। सभी पदों पर योग्य आवेदकों के साक्षात्कार हो चुके हैं और नियुक्तियां अंतिम चरण में हैं। जल्द ही सूबे के मुख्यमंत्री इन केंद्रों का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।

खिलाड़ी का प्रदर्शन भी निखारेंगे

यह केंद्र सिर्फ स्पोर्ट्स इंजरी मैनेजमेंट तक ही सीमित नहीं रहेंगे बल्कि खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी निखारेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ी को चोट लगने के बाद उसे वैज्ञानिक इलाज देना, यह एक अलग बात है मगर उस खिलाड़ी को इस बाबत भी जागरूक करना बहुत जरूरी होता है कि खेल के दाैरान चोटिल होने से कैसे बचा जाए।

खिलाड़ियों को जागरूक भी करेंगे विशेषज्ञ

इन केंद्रों के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा खिलाड़ियों को इस संदर्भ में जागरूक भी करेंगे। विभिन्न साइंटिफिक गैजेट्स के जरिये खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सर्वोत्तम बनाने पर भी विशेषज्ञों का ध्यान रहेगा। शरीर के विभिन्न पैरामीटर के मद्देनजर खिलाड़ियों को कैसे निखारना है, इस पर विशेष काम होगा। इन केंद्रों के माध्यम से खिलाड़ियों के शारीरिक मूल्यांकन के साथ-साथ उन्हें विभिन्न खेल संबंधी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए चोटों की रोकथाम, पोषण और व्यायाम कार्यक्रमों पर मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।