US-Iran Tension: गंभीर आर्थिक संकट के बीच शुरू हुआ ईरान में प्रदर्शन (Iran Protest) अब सर्वोच्य नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) और इस्लामी शासन (Islamic rule) के खिलाफ हो गया है। ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ जनता ने बगावत कर दी है। पूरे ईरान में पिछले 16 दिन से लोग भारी संख्या में सड़कों पर उतरे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। ईरान में 8 जनवरी से पूरे देश में इंटरनेट बंद होने के बावजूद, सरकार विरोधी प्रदर्शनों के केंद्र राजधानी तेहरान समेत सभी शहरों में बड़ी संख्या में लोग लोग डटे हुए हैं। इसी बीच बड़ी खबर आई है कि अमेरिका कभी भी ईरान पर हमला कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump ) हमला करने पर विचार कर रहे हैं।
वहीं बढ़ते प्रदर्शन को कुचलने के लिए खामेनेई सरकार भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को ‘खुदा का दुश्मन’ माना जाएगा, जिसके तहत मौत की सजा दी जा सकती है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अमेरिका ईरान पर हमला करने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले (एयरस्ट्राइक) के विकल्पों पर विचार कर रहा है। हालांकि, अभी तक किसी एक रणनीति पर सहमति नहीं बनी है। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी तरह की सैन्य तैनाती या हथियारों की आवाजाही नहीं की गई है। यह योजना केवल संभावित परिस्थितियों के लिए तैयार की जा रही है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ऐसी रणनीतिक योजना बनाना राष्ट्रीय सुरक्षा प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। इसका यह अर्थ नहीं है कि अमेरिका जल्द ही ईरान पर हमला करेगा।
217 प्रदर्शनकारियों की हो चुकी है मौत
इधर टाइम मैगजीन ने तेहरान के एक डॉक्टर के हवाले से बताया कि राजधानी के सिर्फ छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें ज्यादातर की मौत गोली लगने से हुई हैं। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक अब तक 2600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का किया समर्थन
एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि ईरान शायद पहले से कहीं ज्यादा आज़ादी के करीब है। उन्होंने लिखा कि अमेरिका ईरानी जनता की मदद के लिए तैयार है। इसके अलावा अमेरिकी विदेश विभाग ने भी कड़ा संदेश जारी करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनियों को हल्के में न लिया जाए। बयान में कहा गया कि जब ट्रंप कोई बात कहते हैं, तो वे उस पर अमल करने की क्षमता और इरादा दोनों रखते हैं।
प्रदर्शनकारियों को अल्ला का दुश्मन मानेगी खामेनेई सरकार
दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश में जारी विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनों में शामिल लोगों को अल्लाह का दुश्मन माना जाएगा, जिसके तहत मौत की सजा तक का प्रावधान है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की मदद करने वालों पर भी यही आरोप लगाए जा सकते हैं। अभियोजकों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी नरमी के तेजी से मुकदमे चलाएं और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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