राजकुमार पाण्डेय की कलम से

असली ठेकेदार अधिकारी या नेताभोपाल में गौमांस मिलने की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने कर्ता धर्ता को जरूर सलाखों के पीछे धकेल दिया है, लेकिन असली ठेकेदार की परतें खुलना शेष हैं. कुछ संगठनों का भोपाल नगर निगम पर प्रेशर है कि किसके इशारे पर खास शख्स को टेंडर दिया जाता था, इसकी असली कहानी बताओ. एक-दो दिन तक तो अफसर इसे निगम का रुटिन टैंडर बताते रहे, लेकिन जब बड़े अफसर और नेताओं के नाम जुड़े, तो दबीं जुवां असली ठेकेदार के नाम भी बताने लगे हैं.

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पर काटने के लिए तैयार कर लिए फर्जी कागजात

बात और किसी नहीं बल्कि सत्ताधारी पार्टी की ही है. जहां पद की चाह में नेता एक-दूसरे से कागजात पहुंचाते आए हैं. लेकिन ताजा मामला में तो गजब ही कर डाला. कागजात पहुंचाए गए, लेकिन असली नहीं फर्जी. पहली दफा तो सर्वोच्च अधिकारियों को कागजात असली ही लगे, लेकिन जांच-पड़ताल कराई गई तो पूरे के पूरे कागजात फर्जी पाए गए. दूसरे का पत्ता काटने के लिए फर्जी कागजात पहुंचाने वाले नेताजी को अब संगठन ही फर्जी नजर से देखने लगा है.

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हम अपात्र तो वो हैं कौन से पात्र

यह सवाल तब उठाया गया जब ग्वालियर-चंबल इलाके के नेता के पते पर सरकारी बंगला खाली कराने का नोटिस पहुंचा. परिजन मानकर ही चल रहे थे कि एक न एक दिन तो बंगला खाली करना ही पड़ेगा, लेकिन बंगला खाली करने का अल्टीमेटम मिला तो परिजन ने अफसरों को अपात्रों के नाम गिना डाले. नेता पुत्र ने कहा कि हम तो अपात्र हैं ही, लेकिन फलां-फलां से बंगला खाली क्यों नहीं कराए जा रहे हैं. फलां-फलां किस हैसियत से बंगलों पर कुंडली मारकर बैठे हैं. नेता पुत्र ने कहा कि हम तो बंगला खाली कर ही देंगे, लेकिन जबरन खाली कराया गया तो सारे अपात्रों के नाम भी पब्लिक प्लेस पर चस्पा करवा दिया जाएंगे.

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फोन पर चलता रहा फुल अपडेट

इंदौर में हुए पानी कांड वैसे तो घर-घर तक पहुंचा, लेकिन कांड की असली खबरों पर प्रदेश के एक दिग्गज नेता ही नजरें पूरे समय टकटकी सी लगी रहीं. दिलचस्पी इतनी अधिक कि सामने आ रही खबरें भी उनके पास छनकर आएं. यानी बारीक से बारीक बात पर नजर. कोई नया अपडेट आया तो वास्तव में उसमें कितनी सच्चाई है और कोई अपडेट देरी से आया तो देरी से आने का कारण क्या रहा. नेताजी यह सारा अपडेट फोन पर ही लेते रहे. चर्चा है कि नेताजी भले ही कुछ कर पाने की कंडीशन में हों, लेकिन एक समय इंदौर से कुछ ज्यादा ही याराना रहा है.

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