रणधीर परमार, छतरपुर। मध्य प्रदेश की कड़कड़ाती ठंड में सड़कों पर रात बिताने वालों की मदद के इरादे से कुछ लोग कंबल वितरण का काम करते हैं। लेकिन छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल को जरुरतमंदों की सहायता करना महंगा पड़ गया। जहां फ्री की कंबल के लिए लोग छीना झपटी करने लगे, जिससे अफरा-तफरी का माहौल हो गया।
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दरअसल, शनिवार देर रात कलेक्टर पार्थ जैसवाल गरीब और असहाय लोगों के बीच पहुंचे थे। वे सभी को इस ठंड में मदद करने के लिए कंबल बांट रहे थे। तभी उनसे कंबल लेने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जब एक बच्चे को कंबल मिला तो वे छीना झपटी करने लगे।
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अफरा तफरी के बीच कलेक्टर ने उन्हें समझाइश दी और सभी को कंबल देने का आश्वासन दिया। लेकिन इसके बाद भी वे नहीं रुकी जिससे अफसर असहाय हो गए। उन्होने इस अफरातफरी के माहौल से निकलना ही सही समझा और अपनी गाड़ी मे बैठ कर निकल गए।
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