लखनऊ। समाज कल्याण विभाग द्वारा आउटसोर्सिंग पर रखे गए 460 कर्मचारियों की भर्ती की जांच होगी। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत कोर्स को-ऑर्डिनेटरों भर्ती में हुए फर्जीवाड़े के बाद यह फैसला लिया गया है। समाज कल्याण विभाग ने इस संबंध में जांच के लिए पत्र भी जारी कर दिया है। यह भर्तियां आश्रम पद्धति स्कूलों, अभ्युदय कोचिंग और छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत की गई हैं।

चयन प्रक्रिया सही तरीके से लागू की गई थी या नहीं

जानकारी के अनुसार जांच प्रक्रिया में यह देखा जाएगा कि क्या निर्धारित अर्हताओं के अनुसार चयन प्रक्रिया सही तरीके से लागू की गई थी या नहीं। बता दें कि 10 कंप्यूटर प्रोग्रामर, मल्टी टास्क सर्विसेज (एमटीएस) के 150 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों और कंप्यूटर ऑपरेटर के 300 पदों पर भर्ती की गई थी। इन कर्मचारियों को 10,000 रुपये, 18,000 रुपये और , 60,000 रुपये तक का मानदेय दिया जा रहा है। अब इन पदों पर काम कर रहे कर्मचारियों की भर्ती की जांच की जाएगी।

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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में कोआर्डिनेटर भर्ती में के दौरान भारी अनियमितताएं पाई गई। विभागीय छानबीन के दौरान पता चला कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति की गई थी। चयनित 69 में से 48 कोर्स कोऑर्डिनेटर शैक्षिक योग्यता पूरी नहीं करते थे। इसके बावजूद सारे नियम कायदे ताक पर रखकर उन्हें दो वर्षों तक मोटी तनख्वाह दी गई। छानबीन के आउटसोर्सिंग कंपनी Avni Paridhi पर FIR की गई है।