चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल ने कहा कि सुखबीर बादल के खिलाफ झूठे मामले में जांच शुरू करके आम आदमी पार्टी उन्हें निशाना बनाना के लिए धर्म को ढाल बना रही है.

बलविंदर सिंह धूंदड़, महेशइंदर सिंह ग्रेवाल और डॉ. दलजीत सिंह चीमा सहित अकाली दल की वरिष्ठ लीडरशिप ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने राजनीतिक नाकामी के बाद अकाली लीडरशिप को निशाना बनाने का फैसला किया है. श्री दरबार साहिब की परिक्रम के दौरान सुखबीर बादल पर हुए हमले से शुरू हुई घटना, जो बाद में सरकार प्रायोजित साबित हुआ, अब लुधियाना और बठिंडा में अकाली दल अध्यक्ष से जुड़े आयकर वकीलों को परेशान किया जा रहा है.

ग्रेवाल और डॉ. चीमा ने कहा कि शिरोमणि कमेटी द्वारा नियुक्त एक अकाऊंटेंट की गिरफ्तारी को 328 स्वरूपों के मुद्दे से जोड़कर सुखबीर को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि इस मामले का मुख्य आरोपी एसजीपीसी का पूर्व कर्मचारी जसप्रीत सिंह है, जो अब अमृतसर योजना बोर्ड के अध्यक्ष के साथ साथ आम आदमी पार्टी के अमृतसर जिला अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं.

मजीठिया को नाभा जेल से स्थानांतरित किया जाए उन्होंने कहा कि अब केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के इनपुट से यह स्पष्ट हो गया है कि मजीठिया बब्बर खालसा इंटरनैशनल के निशाने पर हैं. लेकिन फिर भी उन्हें हिरासत में सुरक्षित रखने के लिए कुछ भी नहीं किया जा रहा है. हम मजीठिया को नाभा जेल से किसी निर्धारित जेल में स्थानांतरित करने की मांग करते हैं.

डॉ. चीमा ने गुरु साहिबान के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करके सिखों की भावनाओं को आहत करने के लिए दिल्ली की विपक्ष नेता आतिशी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की निंदा की. इस मौके पर हीरा सिंह गाबड़िया, जनमेजा सिंह सेखों, सिकंदर सिंह मलूका, गुलजार सिंह रणीके, तेजिंदर सिंह मिडूखेड़ा और अर्शदीप सिंह कलेर भी उपस्थित थे.