राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गाय काटे जाने का मामला सामने आया है। गौमांस मुंबई भेजे जाने के मामले में नगर निगम प्रशासन की सीधी भूमिका सामने आई है। भैंस का बताकर गौमांस बाहर भेजा जा रहा था।
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फ्रोजन मीट के रूप में पैक कर मुंबई भेजने की अनुमति दी
दरअसल मामले में नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी का पत्र सामने आया है। पत्र में मांस स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई थी। 17 दिसंबर 2025 को जारी इस पत्र नगर निगम के पशु चिकित्सक डॉ बेनीप्रसाद गौर का है। डॉ गौर ने प्रमाणित किया कि स्लॉटर हाउस में बीते करीब दो सप्ताह में 15 वर्ष से अधिक उम्र की 85 भैंसों का वध किया गया। मांस को फ्रोजन मीट के रूप में पैक कर मुंबई भेजने की अनुमति दी। इसी खेप से पुलिस ने जो सैंपल लिए, उनमें गौमांस की पुष्टि हुई। सवाल- अब स्लॉटर हाउस में या तो गायों का वध हुआ या फिर नगर निगम स्तर पर मांस के प्रकार को लेकर गलत प्रमाणन किया गया।
बैतूल के रास्ते से गायों के 160 बछड़े स्लॉटर हाउस लाए थे
सूत्रों के हवाले से खबर है कि- बैतूल के रास्ते से गायों के 160 बछड़े लाए गए थे। 15 व 16 दिसंबर की रात दो अलग-अलग वाहनों से गायों के 160 बछड़े स्लॉटर हाउस लाए गए थे। ये वाहन बैतूल के रास्ते भोपाल पहुंचे थे। पुलिस इस दिशा में जांच कर रही है। 26 टन मांस में गौमांस भी शामिल था। मांस मुंबई भेजा जा रहा था। 17 दिसंबर की रात हिंदू संगठनों ने पुलिस कंट्रोल रूम के पास कंटेनर रोका था। गोमांस होने की आशंका पर हंगामा किया था, तब जहांगीराबाद थाना पुलिस ने मांस के सैंपल जांच के लिए भेजे थे।


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