Delhi Waterlogging Relief: दिल्ली सरकार ने राजधानी में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए चार बड़े जल निकासी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता(Rekha Gupta) ने बताया कि दिल्ली की भौगोलिक स्थिति, बार-बार होने वाले जलभराव, बढ़ती जनसंख्या और भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे की जरूरत को ध्यान में रखते हुए जल निकासी मास्टर प्लान तैयार किया गया है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से दिल्ली के बड़े हिस्से को मानसून में बार-बार आने वाली बाढ़ से स्थायी राहत मिलेगी। यह कदम राजधानी के शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शहर को आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में जल निकासी प्रणाली को मजबूत करने के लिए चार प्रमुख ड्रेन परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें मुंडका सप्लीमेंट्री ड्रेन, एमबी रोड स्टॉर्मवॉटर ड्रेन, किराड़ी-रिठाला ट्रंक ड्रेन और रोहतक रोड के किनारे स्थित स्टॉर्मवॉटर ड्रेन शामिल हैं। इन ड्रेन के जरिए बारिश का पानी यमुना नदी की ओर तेजी से निकाला जा सकेगा और शहर के सीवरेज नेटवर्क पर दबाव भी कम होगा। अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं से मानसून के दौरान जलभराव की समस्या में काफी हद तक कमी आएगी।

मुंडका सप्लीमेंट्री ड्रेन

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के किरारी, मुंडका, बावाना और नांगलोई क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही जल निकासी की समस्या को हल करने के लिए मुंडका हॉल्ट स्टेशन से रेलवे लाइन के समानांतर 4.5 किलोमीटर लंबी मुख्य नाली प्रस्तावित की गई है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा 220.93 करोड़ रुपए की लागत से कार्यान्वित की जा रही इस परियोजना से 1,520 एकड़ के जलग्रहण क्षेत्र को कवर किया जाएगा और इसकी जल निकासी क्षमता 760 क्यूसेक निर्धारित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह नाली मानसून में जलभराव और बाढ़ के जोखिम को काफी हद तक कम करेगी।

यह मुख्य नाली कई सेकेंडरी नालियों से जुड़कर आगे चलकर सप्लीमेंट्री नाली में मिल जाएगी, जिससे दिल्ली में एक एकीकृत जल निकासी प्रणाली विकसित होगी। अधिकारियों के अनुसार, यह काम रेलवे की जमीन पर किया जाएगा और इसके लिए संबंधित समझौता ज्ञापन पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं। परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद इसे लगभग 15 महीनों के भीतर पूरा करने की उम्मीद है। इससे मानसून के दौरान जलभराव की समस्या में स्थायी सुधार आएगा।

एमबी रोड स्टॉर्मवॉटर ड्रेन

अधिकारियों ने बताया कि 387.84 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली एक तूफानी जल निकासी परियोजना से दक्षिण दिल्ली के इलाकों, विशेष रूप से लाडो सराय टी-पॉइंट से पुल प्रहलादपुर तक एमबी रोड के हिस्से में जलभराव को रोका जा सकेगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही इस परियोजना में 11.38 किलोमीटर सड़क का निर्माण और दोनों ओर 22.76 किलोमीटर लंबी नालियों का निर्माण शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, ढाई साल में पूरी होने वाली इस परियोजना में फुटपाथों का निर्माण और करीब 500 पेड़ों का प्रत्यारोपण या कटाई भी शामिल होगा।

किराड़ी-रिठाला ट्रंक ड्रेन

उत्तर-पश्चिम दिल्ली में डीडीए द्वारा 250.21 करोड़ रुपए की लागत से 7.2 किलोमीटर लंबी किराड़ी-रिठाला मुख्य नाली का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी जल निकासी क्षमता 1,160 क्यूसेक होगी। इसके अलावा रोहतक रोड (एनएच-10) पर जल निकासी व्यवस्था में सुधार का काम 184 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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