Iran Protest: ईरान के सर्वोच्य नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) को सत्ता से बेदखल करने और इस्लामी शासन (Islamic rule) के खिलाफ ईरान में विरोध प्रदर्शन जारी है। पिछले 16 दिन से पूरे ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है। प्रदर्शनकारी सड़कों पर डटे हुए हैं। इसी बीच खामेनेई सरकार अब विरोध प्रदर्शन कुचलने में जुट गई है। राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और सरकार की कार्रवाई में 538 लोग मारे गए हैं।जबकि 10 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।

न्यूज एजेंसी AP ने प्रदर्शनकारियों के हवाले से बताया कि मरने वालों में 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षाकर्मी हैं। वहीं अल जजीरा की रिपोर्ट में 109 सुरक्षाकर्मियों को मारे जाने का दावा किया गया है।

इस बीच विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिसवालों को मारने और जिंदा जलाने का आरोप लगाया है। अराघची ने इसे इजराइली की खुफिया एजेंसी मोसाद की साजिश बताया। अराघची ने पुलिसवालों पर हमले का वीडियो भी शेयर किया है।

ईरान सरकार नहीं बता रही मौत का आंकड़ा

अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजंसी’ के अनुसार प्रदर्शनों में जान गंवाने वालों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। ईरान सरकार ने प्रदर्शनों में हताहतों की संख्या जारी नहीं की है। स्थानीय कार्यकर्ताओं के मुताबिक, प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा में अब तक 538 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 10,670 लोगों को हिरासत में लिया गया है। ईरान में इंटरनेट और फोन सेवाओं के बंद होने के कारण विदेश से प्रदर्शनों की स्थिति का आकलन करना मुश्किल हो गया है।

ट्रम्प बोले- ईरान ने बातचीत का प्रस्ताव दिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान ने अमेरिका से संपर्क कर बातचीत का प्रस्ताव रखा है। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने बताया कि उनका प्रशासन तेहरान के साथ बैठक तय करने को लेकर बातचीत कर रहा है।हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में हालात को देखते हुए उन्हें पहले कार्रवाई करनी पड़ सकती है, क्योंकि मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है और गिरफ्तारियां जारी हैं।

ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो अमेरिकी और इजराइली सैनिकों को भी निशाना बनाया जाएगा। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालीबाफ ने रविवार को कहा कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो इलाके में मौजूद सभी अमेरिकी मिलिट्री बेस, शिप्स और इजरायल हमारे टारगेट पर होंगे। यह बयान संसद के लाइव सत्र के दौरान दिया गया, जहां सांसद ‘डेथ टू अमेरिका’ के नारे लगा रहे थे।कालीबाफ ने ईरान की सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हालात में मजबूती से काम किया है। प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि गिरफ्तार किए गए लोगों से सबसे सख्त तरीके से निपटा जाएगा और उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी।

ईरान में भारतीयों की गिरफ्तारी की खबर झूठी

ईरान में प्रदर्शनों के बीच भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी की खबरों को ईरान ने खारिज कर दिया है। भारत में ईरान के राजदूत ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही यह जानकारी पूरी तरह गलत है। राजदूत मोहम्मद फथाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा कि कुछ विदेशी अकाउंट्स द्वारा ईरान के हालात को लेकर फैलाई जा रही खबरें भ्रामक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी भारतीय नागरिक की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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