Bastar News Update : दंतेवाड़ा. गीदम वेयरहाउस में चावल खराब होने से पीडीएस व्यवस्था प्रभावित हुई है. सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में जनवरी का चावल नहीं बंट सका. तीनों जिलों में चावल का भंडारण संकट में है. कई क्षेत्रों में पहले ही खराब चावल बांटे जाने की शिकायतें मिली थीं. कीड़े और खराब गुणवत्ता को लेकर हितग्राही नाराज हैं. जांच में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है. जिम्मेदारी तय होने के बावजूद कार्रवाई लंबित है. बीजापुर और सुकमा में चावल का स्टॉक बेहद कम बचा है. दंतेवाड़ा की कई राशन दुकानों में आपूर्ति नहीं पहुंची. फरवरी माह की तैयारी भी अटकी हुई है. लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है. अब शासन स्तर पर त्वरित निर्णय की मांग उठ रही है.


बस्तर – नशा मुक्त समाज की दिशा में मुरिया समाज का सख्त फैसला
ग्राम पंचायत मोंगरापाल में आयोजित मुरिया समाज के मिलन समारोह में सामाजिक अनुशासन को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया. समाज प्रमुखों और युवाओं की मौजूदगी में नशा, उपद्रव और सामाजिक अशांति पर कड़ा रुख अपनाने का संकल्प लिया गया. युवा नेता हेमंत कश्यप ने नशे को समाज के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया. उन्होंने कहा कि नशे में डूबा युवा आने वाली पीढ़ी को अंधकार की ओर ले जाएगा. समाज ने निर्णय लिया कि नशा या विवाद फैलाने वालों पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड लगेगा. साथ ही ऐसे व्यक्ति को तीन माह के लिए समाज से बहिष्कृत किया जाएगा. हेमंत कश्यप ने कहा कि यह सख्ती डराने के लिए नहीं, बल्कि युवाओं को बचाने के लिए है. वरिष्ठजनों ने सामाजिक एकता और परंपराओं की रक्षा पर जोर दिया. कार्यक्रम में समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का संदेश दिया गया. समारोह में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए. सभी ने नशा मुक्त समाज के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की बात कही. मुरिया समाज का यह फैसला क्षेत्र में सकारात्मक संदेश दे रहा है.
जगदलपुर – दलपत सागर बना स्वच्छता और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र
ऐतिहासिक दलपत सागर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का अभियान अब जन-आंदोलन में बदल चुका है. 23 जनवरी को होने वाले दीपोत्सव से पहले शनिवार को वृहद श्रमदान किया गया. ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में नागरिक, समाजसेवी और संस्थाएं सफाई में जुटीं. हर शाम 101 दीप प्रज्वलन की परंपरा निभाई जा रही है. दीपों से त्रिशूल की भव्य आकृति बनाकर सांस्कृतिक आस्था का संदेश दिया गया. जनप्रतिनिधियों और स्वच्छता एंबेसेडरों ने स्वयं सफाई में भाग लिया. निगम आयुक्त ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. आयोजकों ने बताया कि दीपोत्सव स्वच्छता और मानवता का प्रतीक बन रहा है. सर्वनाई समाज सहित कई संगठनों की सहभागिता रही. नागरिकों की भागीदारी ने अभियान को मजबूती दी. दलपत सागर को शहर की धरोहर बताते हुए अभियान से जुड़ने की अपील की गई. यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन रही है.
सुकमा – बस्तर पंडुम 2026 जनपद स्तर पर लोककला को मिलेगा मंच
बस्तर पंडुम 2026 के तहत जनपद स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 17 जनवरी को होगा. छिन्दगढ़ स्थित बालक सेजेस हायर सेकेंडरी स्कूल में पहला चरण आयोजित किया जाएगा. प्रतियोगिता में 12 पारंपरिक विधाओं को शामिल किया गया है. पंचायत स्तर से चयनित कलाकार जनपद स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाएंगे. लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने का उद्देश्य है. प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पंजीयन पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है. ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीयन की सुविधा दी गई है. आयोजकों ने अधिक से अधिक कलाकारों से भागीदारी की अपील की है. यह आयोजन बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा. स्थानीय कलाकारों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल है. कार्यक्रम को लेकर कलाकारों में उत्साह देखा जा रहा है.
दंतेवाड़ा – माड़ीन नदी पर पुलिया से बदलेगी तीन पंचायतों की तस्वीर
माड़ीन नदी पर प्रस्तावित पुलिया निर्माण से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने वाली है. करीब 120 मीटर चौड़ी पुलिया से बरसात में आवागमन बाधा खत्म होगी. कन्हारगांव, टेमरूगांव और सुलेंगा के ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा. स्कूल, अस्पताल, बैंक और तहसील तक पहुंच आसान होगी. अब छोटेडोंगर जाने के लिए 20 किमी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. पुलिया बनने के बाद दूरी घटकर सिर्फ 6 किमी रह जाएगी. ग्रामीण वर्षों से इस पुलिया की मांग कर रहे थे. परियोजना से समय, श्रम और परिवहन खर्च की बचत होगी. व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. दंतेश्वरी मंदिर और आसपास के पर्यटन स्थल सुलभ होंगे. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. यह पुलिया विकास की नई कड़ी साबित होगी.
दंतेवाड़ा – 56 गौवंश मुक्त, तस्करी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस ने अवैध गौवंश तस्करी के मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 56 गौवंश को सुरक्षित मुक्त कराया गया. सूचना मिली थी कि गौवंश को जंगल रास्तों से कत्लखाने ले जाया जा रहा है. दंतेवाड़ा थाना टीम ने मटेनार गौठान के पास कार्रवाई की. पूछताछ में सभी आरोपी गीदम थाना क्षेत्र के निवासी निकले. पशु चिकित्सक से जांच के बाद गौवंश को सुरक्षित गौठान भेजा गया. पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. गौ तस्करी पर सख्त निगरानी जारी रखने की बात कही गई. यह कार्रवाई गौ संरक्षण की दिशा में अहम मानी जा रही है. ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की. अवैध गतिविधियों पर सख्ती का संदेश गया है. आगे भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
बस्तर – स्वाइन फीवर से सूअर पालन पर संकट, ग्रामीण परेशान
जिले में स्वाइन फीवर से सूअरों की लगातार मौत से ग्रामीण चिंतित हैं. कई गांवों में गिनती के ही सूअर बचे हैं. एक के बाद एक मौत से पालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. इलाज के प्रयास भी नाकाम साबित हुए. अब ग्रामीण इलाकों में सूअर मिलना मुश्किल हो गया है. जो मिल रहे हैं उनके दाम तीन से चार गुना बढ़ गए हैं. देशी सूअर बस्तर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं. त्योहार और धार्मिक अवसरों पर इनकी मांग अधिक रहती है. पालकों की आमदनी पर सीधा असर पड़ा है. ग्रामीणों ने विभाग से मदद की मांग की है. अज्ञात बीमारी को लेकर भय का माहौल है. स्थिति पर नियंत्रण जरूरी बताया जा रहा है.
बस्तर – स्कूल बसों की सख्त जांच, बच्चों की सुरक्षा पर जोर
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त अभियान चलाया. 9 और 10 जनवरी को दो दिवसीय विशेष जांच शिविर लगाया गया..69 स्कूल बसों की गहन जांच की गई. तकनीकी फिटनेस और सुरक्षा मानकों की पड़ताल हुई. 10 बसों में गंभीर खामियां पाई गईं. अग्निशमन यंत्रों की वैधता समाप्त पाई गई. बस संचालकों पर जुर्माना लगाकर चेतावनी दी गई. खामियां दूर करने की समय-सीमा तय की गई है. अगली जांच में परमिट निलंबन की चेतावनी दी गई. अभिभावकों से सुरक्षित बस चुनने की अपील की गई. प्रशासन ने अभियान जारी रखने की बात कही. बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा.
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