Bihar Politics: बिहार की सियासत से जुड़ी एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। बिहार कांग्रेस में बड़ी फूट देखने को मिली है। दरअसल मकर संक्रांति के अवसर पर कांग्रेस प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में दही चूड़ा भोज का आयोजन किया गया था, जिससे पार्टी के सभी 6 विधायकों ने दूरी बनाए रखी और दही चूड़ा भोज में नहीं शामिल हुए। हालांकि इन सभी विधायकों के अलावा पार्टी के तमाम नेता और कार्यकर्ता इस भोज में शामिल हुए।

मनरेगा को लेकर चल रहा व्यापक अभियान

इस अवसर पर कांग्रेस के बड़े नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि, कांग्रेस पार्टी हर साल दही चूड़ा भोज का आयोजन मकर संक्रांति के अवसर पर करती है। हम प्रदेश की जनता को बहुत शुभकामनाएं देते हैं। प्रदेश की जनता आपस में मिलजुल कर कम करें और नफरत के वातावरण को ध्वस्त करें। कांग्रेस पार्टी मनरेगा को लेकर व्यापक अभियान चला रही है।

राजेश राम के नेतृत्व में हो रहा आयोजन

वहीं, दही चूड़ा भोज कार्यक्रम में शामिल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने कहा कि, यह तो परंपरा है। मकर संक्रांति का कार्यक्रम हम लोग प्रत्येक वर्ष मनाते हैं। कांग्रेस पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में यह आयोजन हो रहा है। इसी बहाने लोगों का मिलना जुलना भी हो गया।

जदयू में शामिल हो सकते हैं सभी विधायक

बता दें कि इससे पहले जब 8 जनवरी को प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की अध्यक्षता में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ को सफल बनाने के लिए एक बैठक बुलाई गई थी। पार्टी की इस अहम बैठक में भी 6 में से 3 विधायक नहीं पहुंचे थे। वहीं, आज दही चूड़ा भोज आयोजन पर तो पार्टी के सभी 6 विधायकों ने दूरी बना ली। ऐसे में यह कांग्रेस में एक बड़ी टूट दिख रही है। उस समय जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा था कि, अगर 14 जनवरी (खरमास) के बाद ये विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में भरोसा जताते हुए हमारे साथ आ जाएं, तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

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