संदीप शर्मा, विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिश पुलिस की संवेदनशील पहल सामने आई है। महाराष्ट्र में बंधक बने 20 मजदूरों को विदिशा पुलिस ने सुरक्षित घर वापसी कराई है। पुलिस ने मजदूरों के चेहरे की मुस्कान लौटाई है वहीं अपनों से मिलकर लोग खुश है।

13 जनवरी महाकाल आरती: मस्तक पर त्रिपुंड चंदन, नेत्रों में करुणा की भावना से युक्त भगवान का अद्भुत श्रृंगार,

500 रुपये रोज मजदूरी का झांसा देकर ले गया था

दरअसल 06 जनवरी को विदिशा जिले के थाना दीपनाखेड़ा से सूचना मिली कि ग्राम बरबटपुर के लगभग 20 आदिवासी मजदूर जो रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र गए थे, उन्हें 500 रुपये प्रतिदिन मजदूरी का झांसा देकर ले जाया गया और वहां बंधक बनाकर जबरन काम कराया जा रहा है, जिसके कारण वे अपने घर वापस नहीं लौट पा रहे हैं। पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण से गंभीरता से लेते हुए तत्काल संपर्क किया। जांच में यह सामने आया कि सभी मजदूर ग्राम गिरोली, थाना वाशी, तहसील भूम, जिला धराशिवा (महाराष्ट्र) में कार्यरत हैं।

परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

मामले से तत्काल पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी को अवगत कराया गया। उन्होंने वहां के पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर संबंधित थाने को मजदूरों को मुक्त कराने कहा। पूरे घटनाक्रम पर लगातार निगरानी रखी गई। विदिशा पुलिस के प्रयासों, से सभी 20 बंधक आदिवासी मजदूरों को महाराष्ट्र से सकुशल एवं सुरक्षित उनके गांव वापस लाया गया। अपनों को वापस पाकर मजदूरों एवं उनके परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान इस कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H