आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Tata Consultancy Services के दिसंबर 2025 तिमाही यानी Q3 results सामने आने के बाद स्टॉक मार्केट में इस स्टॉक को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. भले ही फायदे के मोर्चे पर थोड़ी कमजोरी दिखी हो, लेकिन कंपनी की revenue growth, बेहतर operating margin और ब्रोकरेज हाउसों के पॉजिटिव आउटलुक ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है. यही वजह है कि TCS को कवर करने वाले ज्यादातर एनालिस्ट अब भी इसे buy zone में मान रहे हैं.

IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (TCS) के दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजे जारी हो चुके हैं. कवरेज रखने वाले दो-तिहाई से ज्यादा एनालिस्ट अभी भी स्टॉक पर “बाय” रेटिंग बरकरार रखे हुए हैं. TCS के नतीजे उम्मीदों के मुताबिक रहे. कंपनी का अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 13.91 प्रतिशत घटकर 10657 करोड़ रुपये रह गया. एक साल पहले मुनाफा 12380 करोड़ रुपये था.
ऑपरेशंस से रेवेन्यू 4.86 प्रतिशत बढ़कर 67,087 करोड़ रुपये रहा. दिसंबर 2024 तिमाही में यह 63973 करोड़ रुपये था. ऑपरेटिंग मार्जिन 25.2 प्रतिशत रहा, जबकि साल भर पहले की समान तिमाही में यह 24.5 प्रतिशत था. दिसंबर 2025 तिमाही के दौरान कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या में 11151 की कमी आई और यह 5,82,163 रह गई.
तिमाही नतीजों के बाद मैक्वेरी ने TCS के शेयर के लिए सबसे ज्यादा ₹4,810 प्रति शेयर का प्राइस टारगेट रखा है. यह शेयर के 12 जनवरी के क्लोजिंग लेवल से 48.2% ज्यादा है. कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने ₹3,675 के प्राइस टारगेट के साथ “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है. ब्रोकरेज ने कहा कि TCS क्लाउड, डेटा और AI में क्लाइंट्स के लिए एक मुख्य पार्टनर बनने के लिए अच्छी स्थिति में है. शुरुआती नतीजे उत्साहजनक हैं, लेकिन लगातार बेहतर परफॉर्मेंस, खासकर AI में, स्टॉक की री-रेटिंग के लिए महत्वपूर्ण होगी.
सिटी की ‘सेल’ रेटिंग
सिटी ने TCS के शेयर पर ₹3,020 के प्राइस टारगेट के साथ अपनी “सेल” रेटिंग बरकरार रखी है. ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस में देखी गई धीमी ग्रोथ से निवेशकों को निराशा हो सकती है. सितंबर 2025 तिमाही के आखिर में पॉजिटिव मैनेजमेंट कमेंट्री से उम्मीदें बढ़ गई थीं. दिसंबर तिमाही के दौरान TCS की लगभग आधी ग्रोथ इक्विपमेंट और सॉफ्टवेयर बिजनेस से हुई.
ब्रोकरेज नोमुरा TCS पर ₹3,300 के प्राइस टारगेट के साथ “न्यूट्रल” बनी हुई है. ब्रोकरेज का मानना है कि ग्रोथ के बिना वित्त वर्ष 2027 में TCS के लिए मार्जिन में बड़े सुधार की संभावना नहीं है.
HSBC ने भी स्टॉक पर ₹3,450 के प्राइस टारगेट के साथ अपनी “होल्ड” रेटिंग बनाए रखी है. ब्रोकरेज का कहना है कि रिस्क-रिवॉर्ड हमें संतुलित लगता है और डिमांड कमेंट्री काफी हद तक पॉजिटिव थी. हालांकि उनके एनालिस्ट्स की उम्मीदों से बेहतर होने की संभावना नहीं है.
फ्लैट लेवल पर शेयर
51 एनालिस्ट TCS के शेयर को कवर करते हैं. इनमें से 35 ने “बाय” रेटिंग दी हुई है. 12 ने “होल्ड” और 4 ने “सेल” रेटिंग दी है. शेयर 13 जनवरी को BSE पर फ्लैट लेवल पर ट्रेड कर रहा है. इसने बढ़त में ओपनिंग की और फिर 1 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 3279 रुपये के हाई तक गया. कंपनी का मार्केट कैप 11.7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है. शेयर एक साल में 24 प्रतिशत लुढ़का है.


