गया। हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में यात्री से सोना लूट के हाई प्रोफाइल मामले में रेल पुलिस के खिलाफ कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। गया जीआरपी थाना क्षेत्र से जुड़े इस सनसनीखेज कांड में रेल कोर्ट ने फरार चल रहे 4 जीआरपी सिपाहियों और 2 सिविलियन आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। वारंट जारी होते ही जांच एजेंसियों की सक्रियता और तेज हो गई है।

सरेंडर नहीं किया तो होगी कुर्की-जब्ती

रेल पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने रेल न्यायालय से विधिवत गिरफ्तारी वारंट प्राप्त कर लिया है। एसआईटी का कहना है कि यदि आरोपी जल्द कोर्ट में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ इश्तेहार जारी किया जाएगा। इसके बाद आरोपियों के घरों की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इन आरोपियों पर जारी हुआ वारंट

रेल कोर्ट से जिन लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है, उनमें गया रेल थाना के सिपाही करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजय कुमार और आनंद मोहन शामिल हैं। इनके अलावा सिविलियन परवेज आलम और रेल थाना के पूर्व चालक सीताराम उर्फ अमन शर्मा भी नामजद आरोपी हैं। सभी आरोपी फिलहाल फरार चल रहे हैं।

मारपीट कर 1.44 करोड़ का सोना लूटा

यह मामला 21 नवंबर 2025 की रात का है। कानपुर के स्वर्ण कारोबारी मनोज सोनी का कर्मचारी धनंजय शाश्वत हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस से सोना लेकर यात्रा कर रहा था। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद आरोपी कोडरमा में ट्रेन में सवार हुए और गया पहुंचने से पहले उसके साथ मारपीट कर करीब 1.44 करोड़ रुपये मूल्य का सोना लूट लिया।

जांच में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता उजागर

घटना सामने आने के बाद 29 नवंबर को गया जीआरपी थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस पटना ने एसआईटी गठित की। जांच में थानाध्यक्ष समेत चार सिपाही और दो सिविलियन की भूमिका सामने आई, जिसके बाद सभी को निलंबित कर दिया गया। थानाध्यक्ष को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।