पटना। मेट्रो परियोजना में एलिवेटेड कॉरिडोर के बाद अब अंडरग्राउंड सेक्शन को शुरू करने की तैयारी चल रही है, लेकिन रेलवे से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नहीं मिलने के कारण मेट्रो टनल का निर्माण कार्य फिलहाल रुका हुआ है। यह टनल राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन के ट्रैक और टर्मिनल के नीचे से होकर गुजरनी है, जिसके लिए रेलवे की अनुमति अनिवार्य है। पटना मेट्रो रेल निगम ने एनओसी के लिए रेलवे को पत्र भेजा है, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। मेट्रो कॉरिडोर-2 के तहत प्रस्तावित इस टनल को लेकर रेलवे टनल एलाइन्मेंट और भविष्य में होने वाले टर्मिनल विकास पर इसके संभावित प्रभाव का तकनीकी अध्ययन कर रहा है। इसी मंथन के चलते टनल निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है।

1800 मीटर में प्रस्तावित है पूरी टनल

मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल होते हुए मलाही पकड़ी स्टेशन से पहले तक करीब 1800 मीटर लंबी टनल बनाई जानी है। इसमें से लगभग 800 मीटर की टनल मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल के बीच प्रस्तावित है।

टनल निर्माण के लिए दो टनल बोरिंग मशीन (TBM) से खुदाई शुरू की गई थी, लेकिन एनओसी नहीं मिलने के कारण पहले टीबीएम से 361 मीटर और दूसरे टीबीएम से 263 मीटर खुदाई के बाद काम रोकना पड़ा।

राजेंद्र नगर बनेगा सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन

राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन पटना मेट्रो का सबसे गहरा स्टेशन होगा, जहां मेट्रो ट्रेन जमीन से करीब 21 मीटर नीचे चलेगी। इसका मुख्य कारण स्टेशन के ऊपर से गुजरने वाला रेलवे ट्रैक है। यह स्टेशन सीधे राजेंद्र नगर रेलवे टर्मिनल से जुड़ा होगा, जिससे यात्रियों को ट्रेन और मेट्रो के बीच आसान कनेक्टिविटी मिलेगी।

वहीं, पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन रेड लाइन और ब्लू लाइन को जोड़ने वाला इंटरचेंज स्टेशन होगा, जिससे दानापुर, खेमनीचक और न्यू ISBT की यात्रा अधिक सुगम हो जाएगी।