अनूप दुबे, कटनी (ढीमरखेड़ा)। मध्य प्रदेश के आईएएस संतोष वर्मा के ब्राह्मणों को लेकर दिए विवादित बयान का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। इस बीच कटनी के ढीमरखेड़ा में शासकीय महाविद्यालय के प्रिंसिपल के एक पोस्ट से बवाल मच गया। प्राचार्य ने न सिर्फ ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, बल्कि हाईकोर्ट को भी नपुंसक बता दिया। जिसके बाद पूरा मामला पुलिस के पास पहुंच गया है। 

जनसुनवाई और पुलिस में की शिकायत

दरअसल, कलेक्टर जनसुनवाई और पुलिस के पास एक शिकायत पहुंचीं जिसमें ढीमरखेड़ा शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य बृजलाल अहिरवार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। आवेदक ने प्राचार्य के फेसबुक पोस्ट भी सबूत के तौर पर दिखाए जिसमें उन्होंने बेहद आपत्तिजनक पोस्ट किए। 

हाईकोर्ट को कहा नपुंसक

प्रिंसिपल ने लिखा, ‘आज मैं पहली बार लिख रहा हूं कि जातिवादी/मनुवादी/ब्राह्मणवादी आदि प्रवृत्तियों से हारा नहीं हूं, मुझे हरवाया गया है। जबकि इन लोगों के खिलाफ कोई भी न्यूज नहीं डाली, फिर भी हाईकोर्ट नपुंसक है, क्योंकि जब एक बार स्टे ले चुका हूं तो दोबारा स्थानांतरण क्यों? इसका मतलब हाई कोर्ट कुछ भी नहीं है।’

भारतीय संविधान का असली शिल्पकार को लेकर ब्राह्मणों को चुनौती

प्रिंसिपल ने ब्राह्मणों को भारतीय संविधान का असली शिल्पकार को लेकर डिबेट करने की चुनौती दी। उन्होंने लिखा, ‘अब मेरा स्थानांतरण हो गया है। पूरे ब्राह्मण वर्ग को चुनौती देता हूं कि भारतीय संविधान का असली शिल्पकार कौन है? डॉ भीमराव अम्बेडकर या बीएन राव है ? ब्राह्मणों आप सभी को मैं चुनौती देता हूं कि डिबेट को तैयार हो जाओ और समय एवं दिनांक बताओ?स्थान मैं तय करूंगा, जिस ब्राह्मण की हिम्मत है तो बताओ।’

प्रिंसिपल पर महिला सफाई कर्मी को भगाने के लग चुके आरोप

जानकारी के अनुसार, प्राचार्य इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। उनके खिलाफ महिला सफाई कर्मी को भगाकर ले जाने और जन्माष्टमी पर्व पर भगवान श्री कृष्ण पर टिप्पणी करने के आरोप  लग चुके हैं। 

कलेक्टर ने लिया संज्ञान

कलेक्टर आशीष तिवारी ने मामले को संज्ञान में लिया है। थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने बताया कि मामले में शिकायत मिली है जिसमें जांच की जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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