अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान में प्रदर्शन कर रह लोगों को सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की सलाह दी है। उन्होंने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के देशभक्त प्रदर्शन करते रहें और अपनी संस्थाओं को अपने कब्जे में लें। ट्रम्प ने लोगों से प्रदर्शन जारी रखने अपील की और कहा कि मदद रास्ते में हैं। जो लोग प्रदर्शनकारियों की हत्या और उन पर अत्याचार कर रहे हैं, उनके नाम दर्ज किए जा रहे हैं। उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान के अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है। जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।

ईरान को फिर से महान बनाओ- ट्रंप

ईरान में अमेरिका की संभावित कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण संकेत देते हुए ट्रंप ने ये ऐलान ‘ईरान को फिर से महान बनाओ’ (Make Iran Great Again, MIGA) नारे के साथ कही है। इससे पहले, ट्रंप ने कहा था कि देशभर में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच सैन्य कार्रवाई की धमकियों के बाद ईरान के नेतृत्व ने उनसे बातचीत करने के प्रयास में संपर्क किया था।

दावा- ईरान में अब तक 12 हजार लोगों की हत्या

ईरान में 12 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या का दावा किया जा रहा है। ईरान से जुड़े मामलों को कवर करने वाली ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि ये हत्याएं पिछले 17 दिनों में हुई हैं। वेबसाइट ने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा हत्याकांड बताया है। वहीं रॉयटर्स न्यूज एजेंसी ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से मरने वालों की संख्या 2000 बताई है। वेबसाइट का कहना है कि यह जानकारी कई सोर्सज पर आधारित है। इस डेटा की कई लेवल पर जांच की गई और सख्त प्रोफेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक पुष्टि के बाद ही इसे जारी किया गया। ज्यादातर मारे गए लोग 30 साल से कम उम्र के थे।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ज्यादातर हत्याएं ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ और ‘बसीज फोर्स’ ने गोली मारकर की है और ये सब सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर हुआ। दावा किया गया है कि अधिकतर हत्याएं 8 और 9 जनवरी की रात को हुईं। सरकार इंटरनेट और कम्युनिकेशन को ठप कर अपने अपराध दुनिया से छुपा रही है। वहीं भारत दौरे पर आए जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्त्ज ने मंगलवार को कहा कि ईरान में सरकार का खेल खत्म हो चुका है।

ट्रम्प ने ईरान पर मिलिट्री एक्शन का प्लान होल्ड पर डाला था

ट्रम्प ने मंगलवार सुबह ईरान के खिलाफ मिलिट्री कार्रवाई का प्लान फिलहाल होल्ड पर रख दिया था। हालांकि अमेरिकी सेना को तैयार रहने के लिए कहा गया था, ताकि आदेश मिलते ही तुरंत एक्शन लिया जा सके। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक ट्रम्प का कहना था कि ईरान के अधिकारी व्हाइट हाउस से बातचीत करना चाहते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा था कि ईरान की ओर से सार्वजनिक तौर पर जो बातें कही जा रही हैं, वे उन प्राइवेट मैसेजेस से अलग हैं जो अमेरिकी प्रशासन को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति इन मैसेजेस को समझना चाहते हैं, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वे सैन्य कार्रवाई करने से नहीं हिचकिचाएंगे। हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि ये मैसेज किस तरह के हैं। व्हाइट हाउस ने ईरान से बातचीत की कोशिशों पर भी ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन यह बताया कि राष्ट्रपति के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ईरान से संपर्क में अहम भूमिका निभाएंगे।

खामनेई मुर्दाबाद के लग रहे नारे

ईरान के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां महंगाई, आर्थिक संकट और शासन की विफलताओं को लेकर जनता सड़क पर उतर आई है। ईरान की जनता अपने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ खुली बगावत में उतर आई है। प्रदर्शनकारी खामनेई मुर्दाबाद (Death to Khamenei) के नारे लगा रहे हैं। अब इन प्रदर्शनकारियों को अमेरिका का समर्थन मिल गया है। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों से साफ कहा कि अमेरिका से मदद आ रही है।

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