मुजफ्फरपुर। बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मुजफ्फरपुर जिले के तत्कालीन उत्पाद अधीक्षक, एक डीएसपी, एक थानाध्यक्ष और एक दारोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई पटना हाईकोर्ट के सख्त निर्देश के बाद की गई है। मामला न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर जब्त स्कॉर्पियो गाड़ी की अवैध नीलामी से जुड़ा है।

2020 में जब्त हुई थी स्कॉर्पियो

एफआईआर के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी निवासी सुशील कुमार सिंह की स्कॉर्पियो गाड़ी वर्ष 2020 में सकरा थाना द्वारा जब्त की गई थी। पुलिस ने वाहन से पांच बोतल विदेशी शराब बरामद होने का दावा किया था। बाद में पीड़ित को मामले से मुक्त कर दिया गया।

न्यायालय के आदेश के बावजूद नहीं छोड़ी गई गाड़ी

मामले से मुक्त होने के बाद पीड़ित ने विशेष न्यायालय में वाहन रिलीज के लिए याचिका दायर की। न्यायालय ने सकरा थानाध्यक्ष को स्कॉर्पियो छोड़ने का स्पष्ट आदेश दिया, लेकिन थाना प्रभारी ने आदेश का पालन नहीं किया और पीड़ित को डीएसपी पूर्वी मुजफ्फरपुर के पास भेज दिया।

गुपचुप तरीके से कर दी गई नीलामी

डीएसपी स्तर पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने दोबारा न्यायालय का रुख किया। सुनवाई के दौरान थानाध्यक्ष ने कोर्ट को बताया कि मार्च 2023 में स्कॉर्पियो को राज्यसात कर नीलाम कर दिया गया है।

हाईकोर्ट ने माना गंभीर मामला

पीड़ित ने उत्पाद विभाग में अपील और रिवीजन याचिका दाखिल की, लेकिन दोनों खारिज हो गईं। इसके बाद हाईकोर्ट में सीडब्ल्यूजेसी दायर की गई। सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए ईओयू को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज किया गया।