Makar Sankranti 2026: कैसे हुई तिल की उत्पत्ति, मकर संक्रांति पर क्यों है जरूरी?

मकर संक्रांति का त्योहार देश भर में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. ये हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है.

ये पर्व सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है. मकर संक्रांति पर सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है.

मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों पर स्नान न कर पाने वालों को तिल मिले जल से स्नान करने की सलाह दी जाती है

बताया जाता है कि हिरण्यकशिपु द्वारा पुत्र प्रहलाद पर लगातार अत्याचार होते देख जगपालक भगवान श्री हरि विष्णु क्रोध से भर उठे.

क्रोध में उनका शरीर पसीने से भर गया. कहा जाता है कि इसी पसीने के जमीन पर गिरने से तिल उत्पन्न हुआ.

तिल गंगाजल के समान ही पावन माना जाता है. मान्यता है कि जैसे गंगाजल का स्पर्श मृत आत्माओं को वैकुंठ पहुंचा देता है.

उसी तरह तिल भी पूर्वजों, भटकती आत्माओं और अतृप्त जीवों को मोक्ष का मार्ग दिखाता है.

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